मनीषा मौत मामला: CBI जांच में देरी पर आक्रोश, ग्रामीणों ने किया सत्याग्रह
ढिगावा मंडी में शिक्षा मनीषा की मौत के साढ़े तीन महीने बाद भी खुलासा न होने पर ग्रामीणों ने सत्याग्रह किया। पूर्व सरपंच अनंतराम शर्मा की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन में सीबीआई जांच में देरी पर आक्रोश जताया गया। किसान नेता सुरेश कोथ ने सरकार से जल्द खुलासे की मांग की, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी।

मनीषा मौत मामला: ग्रामीणों ने किया सत्याग्रह। फोटो जागरण
संवाद सहयोगी, ढिगावा मंडी। शिक्षा मनीषा की मौत को साढे़ तीन महीने बीतने के बावजूद इस मामले में खुलासा नहीं होने पर रविवार को मृतका के गांव ढाणी लक्ष्मण में एक दिवसीय सत्याग्रह किया गया। पूर्व सरपंच अनंतराम शर्मा की अध्यक्षता में हुए इस सत्याग्रह में स्वजन के साथ अनेक ग्रामीण और प्रदेशभर के लोग शामिल हुए।
लोगों ने सुबह 11 बजे से सायं पांच बजे तक उपवास भी रखा। इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी गई है, जांच में हो रही देरी के कारण लोग आक्रोशित व नाराज दिखे। सत्याग्रह के दौरान किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि कई बार देरी से मिला हुआ न्याय भी अन्याय के समान होता है। ऐसे में सरकार सीबीआइ से आग्रह करे कि जल्द इस मामले में पर्दाफाश करे नहीं तो अगले चार-पांच दिन में ग्रामीणों के साथ बैठक कर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
मृतका के पिता संजय ने मांग की कि जांच में तेजी लाते हुए यह स्पष्ट किया जाए कि जांच कहां तक पहुंची है। सीबीआइ करीब पांच बार उनके पास आ चुकी है व उन्हें हत्या होने के बारे में बता चुकी है, लेकिन हत्या किसने की है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। किसान नेता सुरेश कोथ ने मामले की जांच में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ लोग स्वजन को ही आरोपित बता रहे हैं।
आरोप लगा रहे हैं कि स्वजन ने ही बेटी को मारा है। क्या कोई आदमी जेल में जाने के लिए आंदोलन करेगा। बैरागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार बैरागी ने कहा कि चिकित्सक ने बताया था कि डेड बाडी बरामद हुई थी, उससे 36 घंटे पहले मौत हो गई थी, तो इतनी देर तक डेडबाडी कहां रही।
घटनास्थल ऐसी जगह नहीं कि कोई सुनसान एरिया हो और पता ना चले, वह आम रास्ता है। इस मौके पर किसान नेता सुरेश कोथ, पुष्पा मलिक , सुमित बराड़ छात्र नेता, सरपंच जयसिंह पुर्व सरपंच शम्भू , मोनु तालु, शिवकुमार वैरागी प्रदेश अध्यक्ष वैरागी समाज, कृष्ण निगाणा, संजु दलाल, आदि मौजूद रहे।

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