डा. हरिकेश ने लगवाए ठहाके तो युवाओं को भायी डा. प्रोमिला सुहाग की शायरी
वैश्य महाविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय युवा महोत्सव का दूसरा दिन भी मनोरंजन से भरपूर रहा।

जागरण संवाददाता, भिवानी :
वैश्य महाविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय युवा महोत्सव का दूसरा दिन भी मनोरंजन से भरपूर रहा। कलाकारों ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी। नाटक और कविताओं से शिक्षाप्रद संदेश दिए। युवाओं में इस महोत्सव को लेकर खूब उत्साह रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के बीच डा. हरिकेश पंघाल ने खूब ठहाके लगवाए वहीं डा. प्रोमिला सुहाग की शायरी भी युवाओं को खूब भायी। युवा कलाकार अमित बडाला ने पुराने गीत मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू एवं मिमिक्री की बेहतरीन प्रस्तुति दी। महाविद्यालय परिवार के सदस्य अभिषेक कौशिक ने गीत जिन्दगी का सफर है ये कैसा सफर गा कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वन एक्ट प्ले में कोड एम की टीम ने गिरिश कर्नाड द्वारा रचित एकांकी नाटक नागमंडल सात बार युवा महोत्सव का अवार्ड जीत चुके वैश्य महाविद्यालय के पूर्व छात्र यश केजरीवाल के निर्देशन में करवाया गया। कोड डी की टीम ने नाटक के माध्यम से लड़कियों के बंधन को तोडती तस्वीर पेश की। कोड जेड की टीम ने नाटक के माध्यम से नशे के कारण टूटते परिवारों का मार्मिक चित्रण पेश किया। इसके अलावा कोड बी, जी, क्यू ने भी नाटक में अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी। युवा समारोह के सह संयोजक प्रोफेसर धीरज त्रिखा एवं आयोजन सचिव डा. अनिल तंवर ने बताया कि महोत्सव में 36 विधाओं में विभिन्न महाविद्यालयों के लगभग 600 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के युवा कल्याण विभाग के नेत्तृत्व में युवाओं की हर जरुरत को ध्यान में रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे रहा है। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के पूर्व प्राचार्य, प्राचार्य, प्राध्यापक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुडे अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन का जिम्मा इनके नाम रहा
स्टेज एक पर मंच का संचालन डा. हरिकेश व डा. प्रोमिला सुहाग, स्टेज दो का संचालन डा. वन्दना वत्स, कल्पना गुप्ता, डा. मोनिका मित्तल व सुरुचि गुप्ता, स्टेज तीन का संचालन डा. रीना, डा. आशा नेहरा व डा. विपिन गुप्ता तथा स्टेज चार का संचालन मंगत राम, डा. सतबीर सिंह एवं आनन्द गर्ग ने किया। विभिन्न मंचों पर जज की भूमिका में करुण गुलजार, सुरेन्द्र कुमार, डा. कमला कौशिक, मनुज उपर्दी, गोविन्द प्रसाद, क्रांतिपाल सिंह, डा. ललित कुमार जैन, प्रो. गुरुदेव सिंह देव, डा. तजेन्द्र सिंह, डा. रवि गौतम, डा. प्रेम, डा. पवन बख्सी, शक्ति सिंह, पवन मल्होत्रा एवं राज किशन नैन ने निभाई। चारों स्टेज पर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दिए शिक्षाप्रद संदेश : * स्टेज एक पर वन एक्ट प्ले हिन्दी में छह, मिमिक्री में तीन, क्लासिक डांस में तीन तथा माईम में छह ने अपनी प्रस्तुति दी। * स्टेज दो पर पाश्चात्य शैली में एकल रूप से वेस्टर्न वोकल सोलो में पांच, वेस्टर्न ईंस्टूमेन्टल में चार, वैस्टर्न ग्रप सोंग में चार तथा लाईट म्यूजिक, गीत, भजन और गजल में छह ने प्रस्तुति दी। * स्टेज तीन पर पंजाबी कविता पाठ में 12, भाषण प्रतियोगिता में 12, हिन्दी कविता पाठ प्रतियोगिता में 16 ने प्रस्तुति दी। * स्टेज चार पर कोलाज में भारत में चुनाव विषय पर 13, कार्टूनिग में जीवन की सामान्य विपत्तियां विषय पर 10 व आन दा स्पोट पेंटिग में 14 व मेहन्दी में 18 प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।