माडल के माध्यम से समझाया पर्यावरण स्वच्छता का महत्व
संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र अन्योन्याश्रित अवयवों की एक कड़ी है

संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र अन्योन्याश्रित अवयवों की एक कड़ी है फोटो-9 जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :
शुद्ध पर्यावरण के महत्त्व को समझते हुए वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय की को-करिकुलर सेल द्वारा पर्यावरण बचाव व इको सिस्टम रीस्टोरेशन ड्राइव पखवाड़ा मनाया जा रहा है। देश में इस वर्ष का थीम बेहतर पर्यावरण के लिए जैव ईधन को बढ़ावा देना है। इस पर रसायन शास्त्र विभाग के माध्यम से छात्राओं ने इको सिस्टम की बहाली पर मॉडल, चार्ट बनाकर पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के सार्थक प्रयास किए। छात्राओं ने अपने कौशल द्वारा पर्यावरणीय महत्त्व को इकोसिस्टम के माध्यम से स्पष्ट किया। छात्राओं ने हमारे तंत्र के बढ़ते नुकसान, जैव विविधता, ग्रीन हाउस उत्सर्जन, पेड़ों की कटाई, वनों का पुनर्वास, थलीय जीवन की बहाली आदि पर ध्यान आकर्षित कराया और सतत विकास का संदेश दिया। महाविद्यालय की प्राचार्या डा. राजवंती शर्मा ने कहा कि हमारे परितंत्र में जीवधारी पौधे, जानवर, कीट पतंगे, अनुजीव इत्यादि अजैव पर्यावरण में जैविक ऊर्जा के साथ अंतक्रिया करते हैं। हमारा संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र अन्योन्याश्रित अवयवों की एक कड़ी है। इसकी बहाली का साफ अर्थ उन तंत्रों के निर्माण से है जो नष्ट हो चुके हैं। आने वाली पीढि़यों के सतत विकास के लिए इको सिस्टम का दोबारा संग्रहण होना चाहिए, ताकि हमारे ग्रह पृथ्वी का पर्यावरण, संतुलित हो सके। रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष ज्योति जून ने कहा कि पर्यावरणीय सुरक्षा व इससे जुड़े सारे कार्य नीतियां मनुष्य की प्रकृति दोहन की सीमा पर निर्भर करते हैं। हमारा इको सिस्टम प्रकृति की धरोहर है। इसको सुरक्षित, संग्रहित रखना हम सब की जिम्मेदारी है। रसायन शास्त्र प्रवक्ता कोमल, ज्योति देशवाल ने भी छात्राओं को पर्यावरणीय महत्व समझाया।
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