जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : चंडीगढ़ के सेक्टर 39-सी की एक नाबालिग से नारायणगढ़ के गांव ब्राह्मण माजरा में काम करवाया जा रहा था। यहां तक कि पिछले चार साल से उसे स्कूल भी नहीं भेजा गया। इस बात की भनक जिला प्रशासन और चाइल्ड लाइन को लगी। इसके बाद पुलिस बल के साथ सभी टीम मौके पर पहुंची और मौके की स्थिति को जांचा। यहां 11 वर्षीय बच्ची काम कर रही थी। इसके बाद टीम ने रेस्क्यू कर बच्ची को अपने साथ ले लिया। कागजी कार्रवाई करने के बाद बच्ची को सखी केंद्र में छोड़ा गया है।

जानकारी अनुसार ब्राह्मण माजरा गांव में एक नाबालिग से काम करवाया जाता था। मामले की सूचना 1098 नंबर पर चाइल्ड लाइन को मिली, जिसमें पता चला कि बच्ची को सौतेली मां के मायके में रखा गया है। बच्ची इसी घर में पिछले चार साल से रह रही है। इतना ही नहीं बच्ची से पड़ोसियों का काम भी करवाया जाता है। बताया जा रहा है कि बच्ची का पिता पुलिस में है। ऐसे में बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, लेबर इंस्पेक्टर, एंटी ह्यूमन ट्रैकिग यूनिट क्राइम ब्यूरो, चाइल्ड लाइन अंबाला ने रेस्क्यू किया। मनीषा गागट के नेतृत्व में डिस्ट्रिक टास्क फोर्स का गठन किया गया, जिसमें अलग-अलग महकमे से लोग शामिल रहे। इसमें 18 साल से नीचे काम करने वाले बच्चों का ध्यान दिया जाता है।

----

पूरी टीम की मेहनत से बच्ची को रेस्क्यू किया है। इसके बाद सखी केंद्र में छोड़ा गया है।

रंजीता सचदेवा, चेयरपर्सन, बाल कल्याण समिति

----------------- चूरापोस्त तस्करी का आरोपित पांच दिन के रिमांड पर

संस, बराड़ा : थाना बराड़ा में दर्ज चूरापोस्त तस्करी मामले के आरोपित भगवत दयाल निवासी गांव जलूबी को पुलिस ने वीरवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपित का पांच दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है। आरोपित को सीआइए नारायणगढ़ ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोसड़का-सढौरा रोड पर गांव डुलियानी के पास नाकाबंदी की थी। आरोपित बाइक पर आया, जिसे रोक कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपित को 5 किलो 400 ग्राम चूरापोस्त समेत गिरफ्तार किया था।

Edited By: Jagran