दीपक बहल, अंबाला

अंबाला छावनी के कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में रोड साइड बर्म और नाले पर बनी दुकानों का मामला अधिकारियों के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। बोर्ड के ही पूर्व पार्षद उमेश साहनी उर्फ बिट्टू ने अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यूटिलिटी कोर्ट में याचिका दायर कर जनसुविधाओं में आड़े आ रहीं दुकानों को हटाने की मांग की है। यहां तक कि कैंटोनमेंट बोर्ड के एक्ट का भी हवाला दिया गया है, जिसके विपरीत यह दुकानें बनाई गई हैं। यूटिलिटी कोर्ट ने कैंटोनमेंट बोर्ड और सीईओ से 18 फरवरी 2022 को जवाब तलब किया है। इस संबंध में समन भी जारी किया जा चुका है। अब बोर्ड अधिकारियों के जवाब के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि वह इन दुकानों को नियम विरुद्ध मानती है या नहीं। दैनिक जागरण ने इन दुकानों का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामला कैंटोनमेंट बोर्ड की एडीजी तक पहुंच चुका है, जबकि बोर्ड के उच्चाधिकारियों को भी इस बारे में शिकायत भेजी गई है।

उमेश साहनी पूर्व सदस्य कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला ने वरिष्ठ एडवोकेट नितिश साहनी और वरिष्ठ एडवोकेट संजीव चौधरी के द्वारा स्थायी लोक अदालत (पब्लिक यूटिलिटी सर्विसस) अंबाला में कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला और मुख्य अधीशासी अधिकारी कैंटोनमेंट बोर्ड पर एक याचिका दायर की है। इस में कहा गया है कि कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से जवाहर लाल नेहरू मार्ग (एलेग्जेंडरा रोड पर एनसीसी कार्यालय, पुराने डीईओ कार्यालय के सामने खोखे का नाम देकर दुकान का निर्माण रोड साइड बर्म पर कर दिया है। इसी तरह लारेंस रोड पर एलेजेंडरा रोड, जवाहर लाल नेहरू मार्ग टी प्वाइंट पर भी उसी प्रकार रोड साइड बर्म पर 2 दुकानें अवैध रूप से खोखे का नाम देकर बनवा दी है।

याचिका में कहा गया है कि नियम 5 आफ कैंटोनमेंट भूमि एडमिनिस्ट्रेशन नियम 1937-क्लासिफिकेशन आफ लैंड का सरासर उल्लघंन है। इसी तरह बीआइ बाजार रोड, नजदीक एमईएस इंस्पेक्शन बंगलो, चर्च रोड पर (नजदीक आयकर भवन और बीसी बाजार) तथा रसाला बाजार के सामने बोह बब्याल रोड पर, नजदीक कैंटोनमेंट बोर्ड सार्वजनिक शौचालय, लगभग 30 दुकानें अवैध रूप से रोड साईड बर्म पर तथा नाले के ऊपर ही बना दी है। इसी प्रकार नियमों की अवेहलना करके अवैध रूप से लगभग 10 खोखे (दुकानें) और भी पास कर रखी हैं, जिनका निर्माण होना अभी बाकी है।

रोड साइड बर्म के नीचे से पानी की पाइप लाइनें, केबल भी जा रही हैं। इनमें अगर कोई फाल्ट पड़ जाए तो उसकी रिपेयर भी नहीं की जा सकती है। जिन नालों पर दुकानों का निर्माण किया गया है, उन पर अब कभी भी सफाई नहीं की जा सकेगी। अगर इन सड़कों को चौड़ा करने की जरूरत पड़ी तो इन सड़कों को चौड़ा भी नहीं किया जा सकेगा। इन दुकानों के कारण इन सड़कों पर जाम की स्थिति में बनी रहेगी। याचिका दायर की है : साहनी

कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला द्वारा जो दुकानें रोड साइड बर्म और नाले पर बनाई है, नियम के खिलाफ हैं। इसी को लेकर यूटिलिटी कोर्ट में याचिका दायर की है। नियमों के अनुसार ही दुकानों का निर्माण किया गया है।

- अनुज गोयल, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला

Edited By: Jagran