नई दिल्ली, जागरण संवाददाता :  हरियाणा द्वारा कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित 74वें गणतंत्र दिवस की झांकी में कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान कृष्ण का अर्जुन को उपदेश देना और उनका ''विराट स्वरूप'' खास आकर्षण रहे। इस झांकी में महाकाव्य महाभारत से थीम ली गई है। भगवद् गीता से प्रेरणा लेते हुए राज्य की झांकी चार घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले रथ का एक विशाल मॉडल दिखा रही है।

भगवान कृष्ण का दिखाया गया विराट स्वरूप 

झांकी में भगवान कृष्ण को कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अर्जुन के सारथी के रूप में दिखा गया है। वे वहां पर अर्जुन को कर्म मार्ग पर चलने का उपदेश दे रहे हैं। झांकी के सामने के हिस्से में भगवान कृष्ण को उनके 'विराट स्वरूप' रूप में दिखाया गया है।

झांकी ने दिया भगवत गीता का संदेश 

रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, "ट्रेलर के साइड पैनल महाभारत के युद्ध के दृश्य दिखा रहे हैं।" एक अधिकारी के अनुसार, झांकी भगवद् गीता का संदेश देती है और महाभारत युद्ध के विभिन्न दृश्यों को भी कुशलता से दिखाती है। धर्म की रक्षा के लिए कुरुक्षेत्र में महाभारत का युद्ध लड़ा गया था, संस्कृति और सभ्यता का एक प्रसिद्ध स्थान है। इस युद्ध के मैदान से कर्म का संदेश पूरे विश्व में फैला। भागवान कृष्ण ने संदेश दिया कि अपना कर्म करना हर मनुष्य का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आपको चाहे जो भी काम मिला हो, आपको उसे अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ करना चाहिए।

पिछले साल मॉरीशस और लंदन में हुआ था आयोजन 

कर्म के इस संदेश को लेकर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव हर साल कुरुक्षेत्र में आयोजित किया जाता है। 2018 में हरियाणा सरकार ने अन्य देशों में भी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाने का फैसला लिया था। पिछले साल पहली बार इस फेस्टिवल का आयोजन मॉरीशस और लंदन में किया गया। 2022 में कनाडा में यह आयोजन किया गया था। पिछले साल गणतंत्र दिवस परेड में हरियाणा की झांकी राज्य के खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर आधारित थी।

Edited By: Nidhi Vinodiya

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