वंदे भारत एक्सप्रेस बनी भारतीयों की पहली पसंद तो शताब्दी भी चहेती, सर्वे में यात्रियों ने शेयर किया अनुभव
रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा समय की पाबंदी और सुविधाओं के बारे में जानने के लिए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण शुरू किया है। सर्वेक्षण में शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत ट्रेनों को शामिल किया गया है। यात्रियों से पूछा जा रहा है कि वे हवाई जहाज टैक्सी या ट्रेन में से किसमें यात्रा करना पसंद करते हैं। सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर रेलवे में सुधार किए जाएंगे।
दीपक बहल, अंबाला। रेल मंत्रालय के आदेशों पर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी सर्वे में रेल महकमा जुट गया। शताब्दी एक्सप्रेस, वंदेभारत ट्रेनों में सर्वे कर यात्रियों से सुरक्षा, समय और साधन, इनमें क्या बेहतर है। इत्यादि से जुड़े सवाल किए गए।
आठ पेज के सर्वे में हवाई जहाज से 500 किलोमीटर (किमी) के सफर का तुलनात्मक अध्ययन किया गया और पूछा कि हवाई जहाज के मुकाबले ट्रेन और टैक्सी से सफर कितना बेहतर है और आपकी इसमें क्या प्राथमिकता है। अधिकांश यात्रियों ने ट्रेन में वंदेभारत को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है।
इसके अलावा यात्रियों को परोसे जा रहे खाने को लेकर भी सवाल पूछे गए हैं, जिसमें यात्रियों से एक से दस तक की रैंकिंग भी जानी गई। पचास ट्रेनों की सूची में वंदेभारत और शताब्दी ट्रेनों को शामिल किया गया। सर्वे से संबंधित सूची वीरवार को ही कर्मचारियों को दे दी गई थी।
रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा फीडबैक
यात्रियों से मिले फीडबैक मंडल स्तर के बाद जोन और फिर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा, जिसके बाद फीडबैक के अनुसार और सुधार किए जाएंगे।
सर्वे में रेलवे ने एक प्रोफार्मा दिया, इसके मुताबिक...
- बाय एयर बिजनेस सात घंटे के एक हजार रुपये किराया
- टैक्सी कार से छह घंटे तीन हजार रुपये किराया
- शताब्दी पांच घंटे के दो हजार किराया
- टैक्सी कार इकोनोमी चेयरकार सात घंटे और चार हजार रुपये किराया
इस प्रोफार्मा के अनुसार शताब्दी यात्रियों की पहली पसंद है। इसी तरह का दूसरा टेबल है, इसके मुताबिक...
- वंदे भारत बिजनेस एग्जीक्यूटिव छह घंटे, एक हजार रुपये
- शताब्दी सात घंटे, तीन हजार रुपये
- बाय एयर चार घंटे इकोनोमी चेयर तीन हजार रुपये
- टैक्सी कार पांच घंटे एक हजार रुपये
इस सवाल के अनुसार ही यात्रियों से उनकी प्राथमिकता पूछी गई है। इसके अलावा शताब्दी और वंदेभारत की तुलना से जुड़ा सवाल भी पूछा गया है कि वह इन दोनों ट्रेनों में से किस ट्रेन में जाना पसंद करते हैं। इसके अतिरिक्त वंदेभारत में जो आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, उसको लेकर भी सवाल पूछा गया।
यह पूछे गए हैं सवाल
रेलवे ने अपने सर्वे में तमाम सवाल यात्रियों से पूछे हैं, जिसे फीडबैक के तौर पर लिया गया है। इसमें यह पूछा गया है कि पांच सौ किमी के सफर में यात्रा का साधन हवाई जहाज, टैक्सी कार, वंदेभारत अथवा शताब्दी इनमें से क्या है?
इसी तरह स्टेशन अथवा एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा, सिक्योरिटी चेक किसमें बेहतर मिला है। महिला यात्री जिस माध्यम से सफर कर रही हैं, उसमें सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमेटिक डोर, बायो वैक्यूम टायलेट, पुलिस कॉन्स्टेबल में से क्या बेहतर लगा है। ट्रेन से सफर कारोबार के संबंध में करते हैं, आरामदायक सफर के कारण या फिर व्यक्तिगत कारण हैं। ऐसे तमाम सवाल हैं, जो सर्वे में रेल यात्रियों से पूछे गए हैं।
इन ट्रेनों में हुआ सर्वे
रेलवे के कमर्शियल विभाग के कर्मचारियों द्वारा जिन ट्रेनों का सर्वे किया गया, उनमें शामिल हैं...
- वंदेभारत ट्रेन संख्या 22440, 22478
- फिरोजपुर मंडल की शताब्दी एक्सप्रेस 12014
- वंदेभारत 22488
- दिल्ली मंडल की 22436 12030, 12032, 22490, 12040 शामिल हैं।
- इसी तरह लखनऊ मंडल से 20888, 22416, 22426, 22500
- अंबाला मंडल से 22448, 12006, 12012, 12046
- मुरादाबाद मंडल से 22546, 22458, 12018 ट्रेन शामिल हैं।
- इसी तरह एनसीआर के प्रयागराज मंडल से 22550, 12034
- आगरा मंडल से 20176
- झांसी मंडल से 22470, 12050 ट्रेन शामिल हैं।
- इसके अलावा उत्तर पूर्वी रेलवे के लखनऊ जंक्शन से 22346, 12004
- पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर से 22234, 20894
- पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से 22304
- पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे कटिहार से ट्रेन नंबर 22302, 22228 शामिल हैं।
- इसके अलावा पूर्व रेलवे के मालदा से 22310
- पूर्व रेलवे के हावड़ा से 22348, 12020
- दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची से 22350, 20898, 20887
- चक्रधरपुर 20894, 21896, 20836
- खड़गपुर से 20872, 12278, 12896
- बिलासपुर से 20825
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