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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana: फर्जीवाड़े के बाद सेना की ग्रुप सी भर्ती रद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निकला कारस्तानी का मास्टरमाइंड

Published: Mon, 25 Dec 2023 10:12 PM (IST)Updated: Mon, 25 Dec 2023 11:17 PM (IST)

सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट ऑफ डिफेंस सिविल एंप्टी फार ग्रुप कमांड लेवल भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस परीक्षा ...और पढ़ें

Haryana: फर्जीवाड़े के बाद सेना की ग्रुप सी भर्ती रद, फाइल फोटो
Haryana: फर्जीवाड़े के बाद सेना की ग्रुप सी भर्ती रद, फाइल फोटो

HighLights

  1. ट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट ऑफ डिफेंस सिविल एंप्टी फार ग्रुप कमांड लेवल भर्ती में फर्जीवाड़ा।
  2. छह युवकों ने दूसरे के स्थान पर परीक्षा दी थी, तो वहीं 11 परीक्षार्थियों ने नकल की।
  3. सेना में ही कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सुशील इस मामले का मास्टरमाइंड निकला।

जागरण संवाददाता, अंबाला। सेना की सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट ऑफ डिफेंस सिविल एंप्टी फार ग्रुप कमांड लेवल भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस परीक्षा में छह युवकों ने दूसरे के स्थान पर परीक्षा दी थी, तो वहीं 11 परीक्षार्थियों ने नकल की थी। इस मामले में बड़ी बात ये है कि शिमला में सेना में ही कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सुशील इस मामले का मास्टरमाइंड निकला।

रिमांड पर लिए जाने के बाद सुशील ने कई राज उगले हैं। सुशील ने इस बात को स्वीकारा है कि वह लाखों रुपये लेकर फर्जी परीक्षार्थी तैयार करता था। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद सेना की सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट ऑफ डिफेंस सिविल एंप्टी फॉर ग्रुप कमांड लेवल भर्ती परीक्षा रद कर दी गई है। 

30 पदों को लेकर हुई थी परीक्षा

सेना के अधिकारियों की ओर से इसकी जांच कराई जा रही है। अब यह परीक्षा बाद में होगी। इस परीक्षा में सफल होने के लिए हजारों उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। यह परीक्षा वीरवार को हुई, जिसमें कुक से लेकर फोरमैन तक के 30 पद थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही स्पष्ट हो चुका है कि छह परीक्षार्थी ऐसे हैं जो आगरा, गुरुग्राम और जींद के रहने वाले हैं। ये परीक्षा केंद्र में पहुंचे नहीं, लेकिन इनके स्थान पर कोई दूसरा परीक्षा दे रहा था। 

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुशील इस मामले का मास्टरमाइंड

इस फर्जीवाड़े के तार शिमला से जुड़े हैं। वहां कार्यरत सेना में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुशील इस मामले का मास्टरमाइंड है। वह फर्जी परीक्षार्थी तैयार करने और नकल कराने के लिए लाखों रुपये लेता था। नकल के लिए डेढ़ से दो और फर्जी परीक्षार्थी के लिए पांच से छह लाख रुपये वसूल करने की बात सामने आई है।