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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana: हाई कोर्ट के आदेश के बाद खतरे में पड़ी हरियाणा पुलिस में 1054 कांस्टेबल की नौकरी, जानिए क्या है मामला

By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
Published: Sat, 20 May 2023 08:53 AM (IST)

Haryana News पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा पुलिस में कार्यरत कई कर्मचारियों की नौकरी पर ...और पढ़ें

हाई कोर्ट के आदेश के बाद खतरे में पड़ी हरियाणा पुलिस में 1054 कांस्टेबल की नौकरी
हाई कोर्ट के आदेश के बाद खतरे में पड़ी हरियाणा पुलिस में 1054 कांस्टेबल की नौकरी

अंबाला, राज्य ब्यूरो। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा पुलिस में कार्यरत कई कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग नए सिरे से मेरिट सूची बनाएगा। संशोधित सूची जारी होने में करीब दो माह लग जाएंगे। नई प्रक्रिया के कारण 1054 कांस्टेबल की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।

हाई कोर्ट के फैसले के बाद महाधिवक्ता कार्यालय ने शुक्रवार को आयोग को सूचित कर दिया है। आयोग ने 2018 को पुरुष कांस्टेबल के पांच हजार पदों पर भर्ती गई थी। इसी तरह 1147 महिला कांस्टेबल, पुलिस उप निरीक्षकों के 400 पदों और महिला उप-निरीक्षकों के 63 पदों का चयन किया गया था। भर्ती में सामाजिक-आर्थिक मानदंड के तहत पांच अतिरिक्त अंक दिए थे। इसके बाद अब हाईकोर्ट में ये मामला चला गया।

लगाए फर्जी प्रमाण पत्र

अभ्यर्थी विधवा अथवा अनाथ है तो उसे भी पांच अंकों का अतिरिक्त लाभ दिया जाना था। आवेदकों को कहा गया था कि अगर माता-पिता जीवित नहीं हैं तो ही इन पांच नंबरों का लाभ मिल पाएगा। इसके उलट कुछ लोगों ने पिता विहीन होने का प्रमाण पत्र लगा दिया। उस समय चयन समिति के सदस्यों ने कथित तौर पर कोताही का प्रमाण देते हुए कुछ अभ्यर्थियों को पिता विहीन होने के नंबर दे दिए।

लगाई गई थी स्क्रूटनी के लिए 45 टीमें

आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि स्क्रूटनी के लिए 45 टीमें लगाई गई थी। 353 बच्चे ऐसे थे जिनके नंबर बनते थे, लेकिन नंबर नहीं दिए गए। दूसरी तरफ 165 अभ्यर्थियों को नंबर दे दिए गए। इस धांधली के बाद आवेदकों में काफी गुस्सा देखने को मिला और उन्होंने हाईकोर्ट का रुख कर लिया। प्रदेश के 1054 आवेदकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। अब दोबारा स्क्रूटनी कर परीक्षा परिणाम नए सिरे से जारी होगा। अब फिर से जांच की जाएगी और फिर उसके बाद नंबर दिए जाएंगे।