जागरण संवाददाता, अंबाला : छावनी रेलवे स्टेशन पर चेकिग के दौरान मानव तस्करी करके पंजाब ले जाए जा रहे 27 बच्चे बरामद होने के बाद बाल कल्याण परिषद की टीम ने उनकी काउंसिलिग की। काउंसिलिग के दौरान 14 से 17 साल के बीच बरामद बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के लुधियाना में भेजा जाता है। अब काउंसिलिग करने वाली टीम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। रिपोर्ट के आधार पर मानव तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल रेलवे स्टेशन से बरामद बच्चों को कैंट स्थित बाल भवन में बाल कल्याण परिषद की निगरानी में रखा गया है। इसमें 18 बच्चों को उनके स्वजन प्रमाणपत्र दिखाकर ले जा चुके हैं और बाकी के नौ बच्चों के स्वजनों के आने का इंतजार है।

बीते वीरवार को न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर जाने वाली ट्रेन नंबर 02407 कर्मभूमि एक्सप्रेस अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचने से पहले सूचना पर अलर्ट बाल कल्याण परिषद और चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम पुलिस फोर्स के साथ ट्रेन में छापा मारा। ट्रेन से 27 नाबालिग बच्चे मिले। प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में बच्चों का मेडिकल कराने के बाद छावनी स्थित बाल भवन में ठहराया गया। काउंिसलिग के दौरान पता चला कि कई किशोर कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया व बिहार के अन्य जिलों के रहने वाले हैं। किशोर सही से यह भी नहीं बता सके कि उनके साथ चल रहे व्यक्ति कौन हैं और उन्होंने अपने माता-पिता के बारे में भी ज्यादा जानकारी नहीं दी।

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अल्पसंख्यक समुदाय के हैं बच्चे

स्टेट क्राइम टीम, स्टेट एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिग यूनिट, डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम, चाइल्ड वेलफेयर टीम, चाइल्ड लाइन, आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान बरामद बच्चे अल्पसंख्यक समुदाय के बताए जा रहे हैं।

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बिहार में सक्रिय संस्था की सूचना मिली कामयाबी

बचपन बचाओ आंदोलन संस्था के संचालक गजेंद्र नौटियाल ने बताया कि हमारी बिहार की टीम ने पंजाब में संस्था के संचालक को मानव तस्करी होने की सूचना दी। इस सूचना के बाद कार्रवाई के दौरान 27 बच्चे बरामद किए गए हैं। अब काउंसिलिग से लेकर एफआइआर दर्ज करके कार्रवाई की जिम्मेदारी प्रशासनिक टीम की है। संस्था ने 27 बच्चों को बचाकर अपने आंदोलन को सफल बनाया।

Edited By: Jagran