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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Electricity Demand in Haryana: हरियाणा में बिजली की खपत में नौ साल का रिकॉर्ड टूटा, 28 प्रतिशत बढ़ी मांग

By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
Published: Tue, 20 Jun 2023 01:11 AM (IST)

हरियाणा में भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत को लेकर पिछले नौ सालों के रिकॉर्ड टूट गए हैं। राज्य ...और पढ़ें

Electricity Demand in Haryana: हरियाणा में बिजली की खपत में नौ साल का रिकॉर्ड टूटा, 28 प्रतिशत बढ़ी मांग
Electricity Demand in Haryana: हरियाणा में बिजली की खपत में नौ साल का रिकॉर्ड टूटा, 28 प्रतिशत बढ़ी मांग

चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। हरियाणा में भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत को लेकर पिछले नौ सालों के रिकॉर्ड टूट गए हैं। राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते खपत 2 करोड़ 63 लाख यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई है। प्रदेश में बिजली की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार वैकल्पिक प्रबंधों में जुट गई है।

हरियाणा में पिछले साल बिजली की पीक डिमांड 9,960 मेगावाट दर्ज की गई थी, जो इस साल बढक़र 12,738 मेगावाट तक पहुंच गई है। बिजली विभाग ने इस साल पीक डिमांड 15 प्रतिशत बढ़ी हुई अनुमानित की थी। दिन की पीक डिमांड में भी 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 12,378 मेगावाट पहुंच गई है।

बिजली खरीदने में ज्यादा फायदा 

शनिवार के बाद डिमांड 11 हजार मेगावाट के करीब रिकॉर्ड की गई है। अगर मौसम के तापमान में गिरावट नहीं हुई तो बिजली की मांग और बढ़ सकती है। हरियाणा में बिजली की मांग पूरा करने के लिए 6.606 प्रति यूनिट की दर की बिजली की खरीद की जा रही है। हालांकि, राज्य सरकार यदि स्वयं के प्लांट में बिजली बनाए तो खर्च इससे अधिक आता है। इसलिए सरकार बाहर से बिजली खरीदना ज्यादा फायदेमंद मानती है।

जनता को परेशान नहीं होने देना चाहती सरकार 

हरियाणा में अब तक 21.956 मिलियन यूनिट की बिजली खरीद की जा चुकी है। एक मिलियन में 10 लाख यूनिट बिजली होती है। इस खरीद पर अब तक 14.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यानी सरकार अधिक रेट पर भी बिजली की खरीद कर प्रदेश की जनता को परेशान नहीं होने देना चाह रही है।

हरियाणा के बिजली मंत्री चौधरी रणजीत चौटाला ने सोमवार को बताया कि बिजली की मांग व उपलब्धता को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह लाइन लास को लगातार कम करें और बिजली चोरों पर कार्रवाई करें।