COVID-19 : अंबाला में बढ़ रहा कोरोना वायरस का खतरा, एक दिन में सामने आए 19 नए मामले
जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 48 हो गई जिसमें दो गंभीर रोगियों को निजी अस्पताल में दाखिल करके कोविड प्रोटोकॉल के तहत उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश देते हुए संपर्क वालों के भी सैंपल कराने के आदेश दिए हैं।

अंबाला, जागरण संवाददाता। कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला तेजी पकड़ने लगा है। शनिवार को 10 साल के मासूम सहित कुल 19 नए मामले सामने आए। जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 48 हो गई, जिसमें दो गंभीर रोगियों को निजी अस्पताल में दाखिल करके कोविड प्रोटोकॉल के तहत उपचार किया जा रहा है। जबकि 46 को स्वास्थ्य विभाग में होम आइसोलेट कर प्रोटोकॉल के नियम का पालन करते हुए मास्क लगाने से लेकर शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने की सलाह दी है। लगातार बढ़ रहे मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश देते हुए संपर्क वालों के भी सैंपल कराने के आदेश दिए हैं।
एक दिन में कुल 19 नए मामले आए सामने
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में शनिवार को कोरोना के कुल 19 नए मामले सामने आए हैं, जिसमें एक 10 साल का बच्चा भी शामिल है। इन सभी को होम आइसोलेट किया गया है। नए संक्रमित मरीजों में चौड़मस्तपुर में 6, मुलाना में 5, शहजादपुर में 4, अंबाला शहर में 2 और नारायणगढ़ व बराड़ा में 1-1 रोगी शामिल है।
महिला चिकित्सक भी रही संक्रमित
नागरिक अस्पताल छावनी में कार्यरत एक महिला चिकित्सक कोरोना संक्रमित हो गई। प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. राकेश सहल ने बताया कि अब महिला चिकित्सक की स्थिति में सुधार है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीएमओ ने अस्पताल के सभी चिकित्सकों से लेकर स्टाफ को कोरोना रोधी वैक्सीन की तीसरी डोज लगवाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपील की है कि जो अगर किसी को बुखार, खांसी सहित कोरोना के लक्षण दिखाई दे तो नमूनों की जांच जरूर कराएं, साथ ही संपर्क वालों को सैंपल कराने के लिए आगे आना होगा। सैंपलिंग जितना अधिक होगा केस पर उतनी ही जल्दी इस संक्रमण को फैलने से रोकने में आसानी होगी।
अस्पताल में मॉक ड्रील की तैयारी
राज्य सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 10 और 11 अप्रैल को सिविल अस्पतालों में कोरोना की तैयारियों को लेकर मॉक ड्रील करेगा। मॉक ड्रील के दौरान संक्रमितों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर दाखिल करके उपचार करने और आक्सीजन सप्लाई से लेकर बेड व ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट चेक किए जाएंगे।
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