हनीट्रैप में फंसकर की थी को-ऑपरेटिव बैंक मैनेजर ने आत्महत्या

अंबाला शहर, [राजीव ऋषि]। यमुनानगर के रादौर के गांव सरावां स्थित को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर पंजोखरा निवासी देवेंद्र सिंह ने हनीट्रैप में फंसने से परेशान होकर आत्महत्या की थी। उसने गत 27 जनवरी की शाम को आत्‍म‍हत्‍या की थी। जांच में खुलाासा हुआ है कि 31 दिसंबर 2016 की रात काला आंब के होटल में हुई न्यू ईयर पार्टी में बुलाई गई महिला ने उसे हनीट्रैप में फंसाया था।

पंजोखरा में हुए सुसाइड कांड के अभियुक्त पिता-पुत्री व युवक न्‍यायिक हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश के नाहन से महिला, उसके पिता और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। एक दिन के रिमांड में महिला ने सारी सच्चाई बता दी है। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पुलिस के मुताबिक, शादी के सात माह बाद ही महिला ससुराल से भागकर नाहन में अपने मायके में रहने लगी। 31 दिसंबर 2016 को काला आंब के होटल में हुई न्यू ईयर पार्टी में वह अपनी सहेलियों के साथ एक नंबरदार के बुलावे पर गई थी। वहां पर देवेद्र भी गया था। उसे बताया गया कि देवेंद्र काफी अमीर है। इसी कारण महिला ने देवेंद्र को अपने जाल में फंसा लिया।

देवेंद्र महिला के पिता के बैंक खाते में रुपये डलवाने लगा। करीब साढ़े तीन लाख से उसने रिशू के लिए बाइक, अपने लिए स्कूटी व घरेलू सामान खरीदा। जन्मदिन पर गिफ्ट में कार मांगी तो देवेंद्र ने असमर्थता जता दी। इस पर उसने फोन पर देवेंद्र व उसकी पत्नी को बर्बाद करने की धमकी दी। जब देवेंद्र ने सुसाइड की धमकी दी तो आरोपित महिला ने मैसेज किया कि अभी तक मरे क्यों नहीं?

घटना के दिन परिवार पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे माथा टेकने गया था। देवेंद्र घर पर अकेला था। शाम करीब पांच बजे जब ससुर व बेटा घर लौटे तो देवेंद्र का शव पंखे से लटका था। उसके बाद उसकी पत्नी राजविंदर कौर ने पुलिस को शिकायत देकर आत्महत्या के लिए उकसाने के केस दर्ज करवाया था।

एएसआइ टहल सिंह के मुताबिक महिला ने अपने पिता व प्रेमी के साथ मिलकर देवेंद्र को प्रेमजाल में फांसकर ब्लैकमेल कर लाखों ठगे। जन्मदिन पर कार की मांग की ब्लैकमेलिंग से परेशान देवेंद्र ने सुसाइड कर लिया।

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