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Bagwani Bima Yojana: खेती हो गई बर्बाद तो न हों परेशान, हरियाणा में इन 21 फसलों के खराब होने पर मिलेगा मुआवजा

Bagwani Bima Yojana उपायुक्त प्रीति ने बताया कि बागवानी को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार सार्थक कदम बढ़ा रही है। पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।

By Jagran NewsEdited By: Swati SinghPublished: Wed, 10 May 2023 07:56 PM (IST)Updated: Wed, 10 May 2023 07:56 PM (IST)
फसल हो गई खराब तो न हों परेशान, हरियाणा में इन 21 फसलों के खराब होने पर मिलेगा मुआवजा

अंबाला, जागरण संवाददाता। बागवानी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में अब 21 फसलों को शामिल कर लिया गया है। बागवानी फसलों को मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने इन फसलों को योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है।

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उपायुक्त प्रीति ने बताया कि बागवानी को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार सार्थक कदम बढ़ा रही है। पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। सरकार द्वारा किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के नाम से एक नई बागवानी फसल बीमा योजना के पोर्टल की शुरूआत की गई है।

इन 21 फसलों को किया गया शामिल

प्रतिकूल मौसम तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक, बाढ, बादल फटना, नहर, ड्रेन का टूटना, जलभराव, आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते है, को योजना में शामिल किया जा रहा है। इस योजना के तहत 21 फसलें शामिल है। जैसे 14 सब्जियां टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली, दो मसाले हल्दी, लहसुन और पांच फल आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची शामिल हैं।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत कराए पंजीकृत

उपायुक्त प्रीति ने बताया कि यह योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि सब्जियों, मसालों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ होगी। किसान का योगदान आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा जो कि सब्जियों में राशि 750 रुपये व फलों में राशि एक हजार रुपये प्रति एकड़ होगी।


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