Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    आर्य चौक स्थित बेशकीमती जमीन विवाद में वक्फ बोर्ड की क्लीन चिट, निगम के पाले में आई गेंद

    By JagranEdited By:
    Updated: Thu, 30 Jun 2022 11:56 PM (IST)

    जागरण संवाददाता अंबाला शहर आर्य चौक पर विवादों में आई जमीन के मामले में वक्फ बोर्ड ने लीज

    Hero Image
    आर्य चौक स्थित बेशकीमती जमीन विवाद में वक्फ बोर्ड की क्लीन चिट, निगम के पाले में आई गेंद

    जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

    आर्य चौक पर विवादों में आई जमीन के मामले में वक्फ बोर्ड ने लीज धारक को क्लीन चिट दे दी है। इस भूमि पर निर्माण के लिए वक्फ बोर्ड ने इसी साल फरवरी माह में कमल राठी को एनओसी दी थी। इतना ही नहीं वक्फ बोर्ड ने इसी दिन उनकी लीज भी तीन साल के लिए बढ़ा दी थी। वक्फ बोर्ड की क्लीन चिट के बाद अब नगर निगम के पाले में दोबारा से गेंद आ गई है। हालांकि निगम अधिकारियों की मानें तो अभी तक उन्हें वक्फ बोर्ड ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए हैं। बता दें कि नगर निगम के डीएमसी की ओर से 22 जून को वक्फ बोर्ड को पत्र लिखकर जवाब मांगा गया था कि आर्य चौक स्थित खसरा नंबर 296 प्लाट किसके नाम है। क्या कमल राठी को यह लीज पर दिया गया है। क्या इसकी एनओसी जारी की गई है? 193 गज का यह प्लाट उस समय विवादों में आ गया था जब नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रूकवा दिया था। साथ ही संचालक कमल राठी को दो नोटिस जारी कर सीलिग की चेतावनी दी थी। इतना ही नहीं इस मामले में नगर निगम के डिप्टी आयुक्त ने केस दर्ज करने की सिफारिश भी बलदेव नगर थाने में कर दी थी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ---------------

    नक्शे के जमा करवाए जा चुके हैं एक लाख रुपये

    वक्फ बोर्ड की एनओसी और लीज बढ़ाने के लेटर के बाद अब नगर निगम इस जमीन का अब नक्शा पास करने से रोक नहीं लगा सकता। क्योंकि लीज धारक इसके लिए एक लाख रुपये से ज्यादा की राशि भी जमा करवा चुका है। राठी ने पहले भी नगर निगम में नक्शे के लिए आवेदन किया। निगम से 60 दिनों में नक्शा पास नहीं किया था। नियमानुसार ऐसा नहीं करने पर नक्शा वैध माना जाता है। इसी आधार पर

    मंडल कमिश्नर कोर्ट ने नक्शा पास करते हुए 7 दिसंबर 2017 को आदेश पारित किया था कि नगर निगम निर्माण कार्य नहीं रोक सकता लेकिन तय समय सीमा में राठी ने किन्हीं कारणों ने निर्माण नहीं करवाया था। इसीलिए दोबारा से नक्शा पास करने के लिए निगम में आवेदन किया था। बता दें कि राठी ने वर्ष 2010 में यह जमीन लीज पर ली थी। शुरुआत में एक साल की लीज जारी की गई थी। वर्ष 2012 में तीन साल की दी गई जोकि 8 जून 2015 तक मान्य थी। इसके बाद 2018 तक लीज बढ़ाई गई। 31 अगस्त 2018 में नगर निगम ने राठी ने मान्य लीज डीड और एनओसी मांगी। लेकिन वह सिविल कोर्ट चले गए। सिविल कोर्ट ने 1 जुलाई 2022 तक केस को स्थगित कर दिया था।

    -------------------

    वक्फ बोर्ड ने पहले भी कमल राठी को एनओसी जारी की थी और अब फरवरी माह में भी दोबारा एनओसी जारी कर दी है साथ ही इसी दौरान उनकी लीज अवधि भी तीन साल के लिए बढ़ा दी गई है। बोर्ड को निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है। कमल राठी 2010 से बोर्ड का किरायेदार है।

    अयाज महमूद, ईओ वक्फ बोर्ड

    ----------------

    कमल राठी ने अभी तक हमें न तो लीज की कापी उपलब्ध करवाई है न ही एनओसी। हमने वक्फ बोर्ड से भी लिखित में जवाब मांगा है लेकिन वहां से हमें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। यदि वक्फ बोर्ड जारी की गई एनओसी और लीज बढ़ाए जाने के आर्डर की कापी उपलब्ध करवाता है तो हमें नक्शा पास करने में कोई आपत्ति नहीं है।

    विनोद नेहरा, डीएमसी नगर निगम