अवैध कालोनियों के ड्रोन सर्वे में एयरफोर्स का पेंच
जिले में धड़ल्ले से विकसित हो रही अवैध कालोनियों को जमींदोज करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत प्रदेशस्तर पर ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया गया है लेकिन जिले में होने वाले ड्रोन सर्वे पर एयरफोर्स का पेंच फंस गया है। चूंकि अंबाला अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आता है इसीलिए एयरफोर्स कोई भी चूक नहीं करना चाहती। यही कारण है कि ड्रोन सर्वे के लिए अंबाला में एयरफोर्स ने कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र जिला प्रशासन को नहीं दिया।

उमेश भार्गव, अंबाला
जिले में धड़ल्ले से विकसित हो रही अवैध कालोनियों को जमींदोज करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत प्रदेशस्तर पर ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया गया है, लेकिन जिले में होने वाले ड्रोन सर्वे पर एयरफोर्स का पेंच फंस गया है। चूंकि अंबाला अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आता है इसीलिए एयरफोर्स कोई भी चूक नहीं करना चाहती। यही कारण है कि ड्रोन सर्वे के लिए अंबाला में एयरफोर्स ने कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र जिला प्रशासन को नहीं दिया।
एनओसी नहीं मिलने के कारण जिले में ड्रोन सर्वे अभी शुरू नहीं हो सका। मामले में पेंच फंसता देख पंचकूला से वरिष्ठ जिला नगर योजनाकार रामकुमार ने सोमवार को जिला नगर योजनाकार के साथ एयरफोर्स स्टेशन पहुंचकर आलाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान जिला प्रशासन की ओर से ड्रोन सर्वे का प्रस्ताव पेश किया गया, जिस पर एयरफोर्स की ओर से आपत्ति जताई गई। अब इन आपत्तियों को दूर करने के बाद दोबारा प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसके बाद भारत सरकार से मान्यता मिलने के बाद ही एयरफोर्स इस सर्वे को मंजूरी देगा।
बता दें कि अंबाला शहर और छावनी शहरी एरिया में ही 165 से ज्यादा अवैध कालोनियां विकसित हो चुकी हैं। अंबाला शहर नगर निगम के रिकार्ड में केवल 42 कालोनियां ही वैध हैं। इसके अलावा बराड़ा, मुलाना और नारायणगढ़ शहरी क्षेत्रों में भी कम से कम 150 अवैध कालोनियां विकसित
--------------------- तीन जिलों के सर्वे का जिम्मा एक कंपनी को
अंबाला के अलावा सीएम सिटी करनाल में करीब दो दिन पहले ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया गया है। आजकल में कैथल में भी सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। अंबाला, कैथल और करनाल जिले की अवैध कालोनियों के सर्वे का जिम्मा इनवेंटग्रिड कंपनी को सौंपा गया है। यह सर्वे विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग के आदेशों पर करवाया जाएगा रहा है।
----------- क्या होगा सर्वे में, क्या है प्लानिग
जिले में शहरी क्षेत्र में आने वाली अवैध कालोनी का ड्रोन सर्वे से लेआउट प्लान तैयार किया जाएगा। जिसमें सड़कों का साइज और कालोनी के हर प्लाट की मैंपिग की जाएगी। इसके अलावा इसी प्लान में सभी सुविधाओं की भी जानकारी मुहैया कराई जाएगी और वर्तमान में संबंधित अवैध कालोनी में डेवलपमेंट का स्टेटस क्या है इसकी रिपोर्ट भी सर्वे पूरा करने के बाद महानिदेशक जिला नगर योजनाकार विभाग को भेजी जाएगी। महानिदेशक केएम पांडूरंग ने आदेश दिए हैं कि कृषि जमीन पर अवैध रूप से विकसित हो रही कालोनियों का सर्वे कराया जाए। इतना ही नहीं इन कालोनियों में तोड़फोड़ के साथ भूमाफिया पर केस भी दर्ज कराया जाए।
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40 से ज्यादा नोटिस एक साल में जारी
अवैध कालोनियों पर शिकंजा कसते हुए एक साल के भीतर जिला नगर योजनाकार विभाग की तरफ से 40 नोटिस जारी हो चुके हैं। एक नोटिस में छह-सात लोगों के नाम भी शामिल हैं। इसी तरह 20 से ज्यादा अलग-अलग थानों में एक साल में एफआइआर दर्ज करवाई गई है, इनमें इनमें करीब 78 लोगों को शामिल किया गया है।
------------- वर्जन
अभी एयरफोर्स से ड्रोन सर्वे को अनुमति नहीं मिली है। कुछ आपत्तियां एयरफोर्स से लगाई हैं जैसे ही अनुमति मिलेगी अवैध कालोनियों का सर्वे अंबाला में शुरू करवा दिया जाएगा। जहां तक अवैध कालोनियों को जमींदोज करने की बात है तो वह प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
सविता जिदल, जिला नगर योजनाकार।
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