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    बुरी संगति का प्रभाव नशे का प्रमुख कारण

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    Updated: Fri, 26 Jun 2015 06:12 PM (IST)

    जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : बुरी संगति का प्रभाव नशे का सबसे प्रमुख कारण है। नशा शारीरिक व मानसिक

    जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : बुरी संगति का प्रभाव नशे का सबसे प्रमुख कारण है। नशा शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है, समय रहते नशे से पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र इलाज के लिए किसी भी मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। नशे से पीड़ित रोगियों के इलाज के लिए सभी सरकारी अस्पतालों मे यह सुविधा मुफ्त उपलब्ध है।

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    यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय नशा रोधी दिवस के अवसर पर सेंट्रल जेल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. मनमीत ने दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति एक बार मादक पदार्थो का सेवन शुरू कर देता है वह धीरे-2 पूरी तरह से उस पर निर्भर हो जाता है। ऐसी दशा में नशा उसके लिए बीमारी बन जाता है। कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता के दिशा निर्देश पर किया गया।

    इस अवसर पर जिला कारागार अंबाला शहर व आइटीआइ अंबाला शहर मे सेमिनार आयोजित कर डॉ. अशोक शर्मा उप सिविल सर्जन व डॉ. मीनू गाधी चिकित्सा अधिकारी, डॉ. मनमीत सिंह, डॉ. साहिल कासल, जिला मास मीडिया अधिकारी सुदेश कांबोज, डॉ. शिल्पा, तरणदीप सिंह, महबूब खान व परामर्शदाता विजय कुमार द्वारा जेल अधीक्षक एआर बिश्नोई की अध्यक्षता में विभिन्न प्रकार के नशे जैसे शराब, बियर, ब्राडी, रम, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, जरदा, भाग, चरस, गाजा, सुल्फा, भुक्की, अफीम, स्मैक नशे वाले इन्जेक्शन, कैप्सूल गोलिया आदि के सेवन से होने वाले नुकसान से बचाव बारे बताया गया।

    सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता ने नशे के दुष्प्रभाव बारे जानकारी देते हुए बताया कि नशा आदमी को शारीरिक व मानसिक रूप से विकृत कर देता है और असामाजिकता की ओर ले जाता है। नशे से ग्रस्त व्यक्ति को समाज में हीन भावना से देखा जाता है।