वडोदरा, जेएनएन।  Gujarat Assembly Election 2022: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया गया है। गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए नामांकन फॉर्म भरने का आज आखिरी दिन है। भाजपा ने कल तक 181 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था। वड़ोदरा में केवल एक मंजलपुर विधानसभा सीट घोषित होना बाकी थी।

भाजपा ने आज अंतिम समय में लगातार सातवीं बार मौजूदा विधायक योगेश पटेल को रिपीट किया है। इससे पहले योगेश पटेल 5 बार रावपुरा सीट से चुने गए थे। वह पिछले 2 कार्यकाल से मांजलपुर सीट से विधायक हैं।

76 साल के योगेश पटेल (Yogesh Patel) अपने समर्थकों के लिए काका के नाम से मशहूर हैं। सामान्य जीवन जीने वाले योगेश पटेल तामझाम से दूर रहते हैं । राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले योगेश पटेल एक साल पहले तक विजय रुपाणी (Vijay Rupani) के कार्यकाल में राज्यमंत्री थे।

गौरतलब है कि गुजरात में दो चरणों में मतदान होने जा रहा है। पहले चरण की 89 सीटों के लिए एक दिसंबर को और दूसरे चरण की 93 सीटों के लिए पांच दिसंबर को मतदान होगा। जबकि परिणाम 8 दिसंबर को घोषित किया जाएगा।

जानिए मांजलपुर सीट की दिलचस्प जानकारी

गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में मंजलपुर सीट नंबर 145 है। यह सीट वडोदरा जिले में स्थित है और इसकी लोकसभा सीट वडोदरा है। 2012 में परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई। पहले यह सीट रावपुरा सीट का हिस्सा थी। शहर के अधिकांश व्यापारी मांजलपुर में रहते हैं क्योंकि गुजरात औद्योगिक और विकास निगम इसके पास स्थित है। इस सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है। नए परिसीमन के बाद योगेश पटेल ने 2012 और 2017 में रावपुरा सीट से चुनाव लड़ा और दोनों विधानसभा चुनाव जीते।

जानें- योगेश पटेल के बारे में 

योगेश पटेल (Yogesh Patel) राजनीतिक दांवपेंच में माहिर माने जाते हैं। योगेश पटेल ने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी, लेकिन मेनका गांधी ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी तक योगेश पटेल भी अलग हो गए थे। इसके बाद संजय गांधी (Sanjay Gandhi) के नाम पर बने संजय विचार मंच से जुड़ गए थे। इसके जरिए सक्रिय रहे। बाद में जब मेनका गांधी जब जनता दल में गई तो योगेश पटेल भी जनता दल में चले गए। जब मेनका गांधी भाजपा के करीब आईं तो योगेश पटेल भी बीजेपी में आ गए। योगेश पटेल पहली बार विधायक 1990 में रावपुरा से जनता दल के टिकट पर जीते और फिर बाद में वे बीजेपी के टिकट पर 1995, 1998, 2002, 2007 में रावपुरा से लगातार चुने गए। इसके बाद परिसीमन में बनी मांजलपुर सीट पर आए और 2012 में यहां से जीत हासिल की। पार्टी ने 2017 में टिकट दिया तो फिर जीते।

Edited By: Sanjeev Tiwari

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