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    Diwali 2022: गुजरात में दीपावली पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर नहीं लगेगा जुर्माना

    Diwali 2022 गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने सूरत में यह घोषणा की है कि दिवाली त्योहार के मद्देनजर गुजरात में यातायात पुलिस 27 अक्टूबर तक नियमों का उल्लंघन करने वालों से कोई जुर्माना नहीं वसूलेगी।

    By AgencyEdited By: Sachin Kumar MishraUpdated: Sat, 22 Oct 2022 02:58 PM (IST)
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    : गुजरात में दीपावली पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर नहीं लगेगा जुर्माना

    सूरत, एजेंसी। Diwali 2022: गुजरात सरकार ने घोषणा की है कि इस साल दिवाली (Diwali) के मौके पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर लोगों जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी (Harsh Sanghavi) ने शुक्रवार को सूरत में यह घोषणा की। एक जनसभा में उन्होंने कहा कि दिवाली त्योहार के मद्देनजर गुजरात में यातायात पुलिस 27 अक्टूबर तक नियमों का उल्लंघन करने वालों से कोई जुर्माना नहीं वसूलेगी।

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    27 अक्टूबर तक नहीं वसूला जाएगा जुर्माना

    प्रेट्र के मुताबिक, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि दिवाली के दौरान लोगों को राहत देने का निर्णय राज्य के गृह विभाग द्वारा लिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में 21 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक गुजरात में ट्रैफिक पुलिस लोगों से कोई जुर्माना नहीं वसूलेगी। अगर कोई इस दौरान बिना हेलमेट या ड्राइविंग लाइसेंस के पकड़ा जाता है या किसी अन्य यातायात नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो पुलिस उसे फूल देगी।

    गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित गुजरात में विधानसभा चुनाव दिसंबर के अंत तक होने हैं। शुक्रवार को मनाए जाने वाले गोवत्स द्वादशी ने इस साल दिवाली त्योहार की शुरुआत को चिह्नित किया। प्रकाश पर्व का मुख्य दिन लक्ष्मी पूजन 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। 

    यह भी कह चुके हैं हर्ष संघवी

    अप्रैल, 2022 में गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा था कि दुष्कर्म की घटना के लिए हमेशा पुलिस को जिम्मेदार ठहराया जाता है, इसके लिए मोबाइल फोन भी जिम्मेदार है। उनके मुताबिक, सर्वे से यह बात सामने आई है कि आरोपित कोई नजदीकी या पहचान वाला ही होता है, ऐसी घटनाएं समाज पर धब्बा है। संघवी ने कहा कि हम हमेशा दुष्कर्म की घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन इसके लिए पुलिस को दोष नहीं दे सकते। एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि दुष्कर्म का आरोपित अक्सर नजदीकी या पहचान वाला ही होता है। मोबाइल पर आसानी से अश्लील वीडियो उपलब्ध हो जाते हैं, इसलिए दुष्कर्म की घटना में इजाफा हुआ है।

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