Vibrant Gujarat Global Summit: गुजरात समिट को मिल रहा बढ़िया रिस्पांस, स्मार्ट सिटी से राज्य के विकास को लगेंगे पंख
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आयोजन करके गुजरात सरकार राज्य में नए निवेश को आकर्षित कर रही है। 10 जनवरी से शुरू होने वाले इस आयोजन को देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की थीम गेटवे टू द फ्यूचर रखी गई है। गुजरात सरकार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के जरिए बड़ी मात्रा में निवेश की आशा कर रही है।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आयोजन करके गुजरात सरकार राज्य में नए निवेश को आकर्षित कर रही है। 10 जनवरी से शुरू होने वाले इस आयोजन को देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की थीम 'गेटवे टू द फ्यूचर' रखी गई है।
गुजरात सरकार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के जरिए बड़ी मात्रा में निवेश की आशा कर रही है। गांधीनगर की गुजरात इंडस्ट्रियल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT) सिटी, सूरत की डायमंड रिसर्च एंड मर्चेंटाइल (DREAM) सिटी और अहमदाबाद की धोलेरा स्मार्ट सिटी राज्य के विकास में चार चांद लगा रही हैं।
टेस्ला ग्रुप भी कर सकता है निवेश
ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि टेस्ला ग्रुप भी गुजरात में निवेश कर सकता है। यह आयोजन काफी खास है क्योंकि कोरोना की महामारी के बाद पहली बार इसका आयोजन किया जा रहा है। टेस्ला के गुजरात में निवेश को लेकर सीनियर मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा कि टेस्ला के निवेश करने पर बात चल रही है। इसको लेकर राज्य सरकार आशावादी है।
गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी)
GIFT सिटी विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और मास्टर प्लानिंग के साथ भारत की पहली ऑपरेशनल स्मार्ट सिटी है। जो लंदन, शंघाई, न्यूयॉर्क, हांगकांग, सिंगापुर, दुबई आदि जैसे प्रसिद्ध शहरों के तर्ज पर विकसित की गई है। राज्य सरकार के द्वारा ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित की गई इस सिटी में वाणिज्यिक और आवासीय परिसर होंगे।
886 एकड़ में फैली गिफ्ट सिटी
गिफ्ट सिटी 886 एकड़ जमीन पर फैली है। इस सिटी में 620 लाख वर्ग फुट पर निर्माण कार्य हुआ है। इस सिटी में ऑफिस स्पेस, आवासीय, स्कूल, अस्पताल, होटल, क्लब, खुदरा और विभिन्न मनोरंजन सुविधाएं शामिल हैं। GIFT साबरमती नदी के तट पर स्थित है, जो गुजरात की व्यापारिक राजधानी (अहमदाबाद) और राजनीतिक राजधानी (गांधीनगर) को जोड़ता है। गुजरात राज्य भारत के विकास का इंजन बना हुआ है। हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से यह बेहतरीन जगह पर है। यह अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से केवल 12 किमी दूर स्थित है।
GIFT सिटी में विभिन्न सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए इंटरनेशनल ऑपरेशन की सुविधा देते हुए समर्पित मल्टी सर्विस स्पेशल इकॉनोमिक जोन (SEZ) है। इसके अलावा GIFT मल्टी-सर्विसेज SEZ को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित देश के पहले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) का दर्जा प्राप्त है। भारत में आईएफएससी की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इससे आर्थिक गतिविधि और राजस्व में वृद्धि होगी।
GIFT सिटी
गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी बढ़ते वित्त और आईटी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर भारत के स्मार्ट सिटी मिशन को बढ़ावा देगा। GIFT सिटी की अवधारणा 2007 में सोची गई थी और इसकी योजना का काम ईस्ट चाइना आर्किटेक्चरल डिज़ाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (ECADI) को दिया गया था, जिसे आधुनिक शंघाई के अधिकांश हिस्से की योजना बनाने का श्रेय दिया जाता है।
DREAM सिटी
गुजरात की डायमंड रिसर्च एंड मर्चेंटाइल (DREAM) सिटी सूरत में 685 हेक्टेयर भूमि पर बनी है। इस सिटी को इस तरीके से डिजाइन किया गया है कि यह डायमंड इंडस्ट्री की भविष्य में आने वाली चुनौतियों को हल करने में सक्षम होगी।
ड्रीम सिटी सूरत के हीरा उद्योग को बढ़ावा देकर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार हासिल करना चाहती है, जो दुनिया के प्रोसेस्ड डायमंड का 72 प्रतिशत हिस्सा है और हीरा उत्पादन में ग्लोबल पॉवरहाउस के रूप में काम कर रहा है।
पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत डायमंड बोर्स (एसडीबी) का उद्घाटन किया था जो कि ड्रीम सिटी का हिस्सा है और भारत का दूसरा हीरा व्यापार केंद्र है जो डेढ़ लाख लोगों को सीधे तौर पर रोजगार देता है।
इंडस्ट्री के अनुमान के अनुसार, गुजरात के लगभग 90 प्रतिशत हीरे सूरत और उसके आसपास प्रोसेस्ड होते हैं, जिससे नौ लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। दुनिया के 10 में से आठ हीरे गुजरात में प्रोसेस्ड होते हैं। भारत के कुल हीरा निर्यात में राज्य का योगदान 80 प्रतिशत है।
2035 तक गुजरात के 60 फीसदी शहरीकृत हो जाने की संभावना
ड्रीम सिटी के लिए बुनियादी ढांचा परियोजना का कार्यान्वयन 2040 तक चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिसमें 400 करोड़ रुपये की परियोजनाएं दो चरणों में पूरी की जाएंगी। 2035 तक गुजरात के 60 फीसदी शहरीकृत हो जाने की संभावना है। इसी कारण से राज्य शहर के विकास के लिए टिकाऊ मॉडल अपना रहा है, जिसमें शहरी योजना और डिजाइन, कुशल अपशिष्ट प्रबंधन और ग्रीन स्थानों को बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
धोलेरा सर स्मार्ट सिटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंदीदा परियोजना धोलेरा आठ ग्रीनफील्ड औद्योगिक शहरों में से पहला और सबसे बड़ा होगा। यहां पर फॉक्सकॉन-वेदांता के 20 बिलियन डॉलर के निवेश से सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट लगाने को तैयार है। धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) 920 वर्ग किमी में फैला है, जिसमें लगभग 22 गांव शामिल हैं। फिलहाल बुनियादी ढांचे का अधिकांश विकास डीएसआईआर के 22.5 वर्ग किमी क्षेत्र में हो रहा है जो कि एक्टिवेशन जोन है।
धोलेरा सर स्मार्ट सिटी 25 किलोमीटर क्षेत्रफल में पूरी तरह से बनकर तैयार हो गई है। इसमें पांच किलोमीटर लंबी, 110 मीटर चौड़ी और 15 फीट गहरी एक कृत्रिम नदी धोलेरा सर स्मार्टसिटी क्षेत्र में बहने लगी है।
धोलेरा सर में 22 वर्ग किलोमीटर में बनने वाली स्मार्ट सिटी में सड़क, प्रशासकीय भवन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सौराष्ट्र, नर्मदा कैनाल से पानी, सीवेज ट्रीटमेंट, पॉवर ट्रांसमिशन, इंटरनेट, गैस पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। इस सिटी के पहले चरण का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है।
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