पालनपुर, एजेंसी। Gujarat News: गुजरात सरकार द्वारा आश्रय गृहों को चलाने के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने में विफल रहने के विरोध में 200 से अधिक पंजरापोल (गाय आश्रय गृह) ट्रस्टियों ने हजारों गायों को छोड़ दिया। इस कारण शुक्रवार को उत्तरी गुजरात राजमार्गों पर यातायात जाम हो गया।

15 दिनों से विरोध कर रहे हैं ट्रस्टी

समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक, बनासकांठा पंजरापोल के ट्रस्टी किशोर दवे ने मीडिया को बताया कि पिछले 15 दिनों से ट्रस्टी विरोध कर रहे हैं। ट्रस्टी वर्ष 2022 के लिए राज्य के बजट में किए गए वादे के अनुसार, वित्तीय सहायता की मांग कर रहे हैं। ट्रस्टियों ने गुरुवार को उत्तरी गुजरात में सरकारी परिसरों के अलावा राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हजारों गायों को छोड़ दिया।

तो तेज होगा आंदोलन

राज्य में 1,500 पंजरापोल करीब 4.5 लाख गायों को आश्रय दे रहे हैं। बनासकांठा, 170 पंजरापोल ने 80,000 गायों को आश्रय दिया। पंजरापोल ट्रस्ट को गायों को खिलाने के लिए प्रतिदिन प्रति मवेशी 60 से 70 रुपये का खर्च वहन करना पड़ता है। कोविड के बाद पंजरापोल को दिया जाने वाला दान नहीं मिल रहा है। इस कारण पैसों के बिना आश्रय गृह चलाना मुश्किल हो रहा है। यदि सरकार जल्द से जल्द राशि जारी नहीं करती है, तो आंदोलन आक्रामक रूप ले लेगा।

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा में वीरवार को कांग्रेस विधायकों ने एक ओर महंगाई व गायों में फैल रहे लंपी रोग के मुद्दे को उठाया, वहीं दूसरी ओर चुनावी हित साधने को जाति आधारित जनगणना और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को उछाला। सदन में हंगामा करने के चलते कांग्रेस के 10 विधायकों को निलंबित किया गया। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने विधायकों के साथ विधानसभा के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सदन की कार्यावाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने महंगाई, ओबीसी आरक्षण तथा जाति आधारित जनगणना की मांग करते हुए विधानसा अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर हंगामा शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष डा. निमाबेन आचार्य ने मेवाणी सहित 10 विधायकों को निलंबित कर दिया। 

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Edited By: Sachin Kumar Mishra