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    गांधीनगर में स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज का लोकार्पण, जलवायु परिवर्तन पर राज्य का एक्शन प्लान तैयार : रुपाणी

    विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने गांधीनगर में स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज का लोकार्पण करते हुए बताया कि गुजरात ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर जहां पर्यावरण का संरक्षण किया वही प्रदूषण को भी कम करने में सफल रहे।

    By Vijay KumarEdited By: Updated: Sat, 05 Jun 2021 08:05 PM (IST)
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    गुजरात ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर जहां पर्यावरण का संरक्षण किया वही प्रदूषण भी कम करने में सफल रहे।

     जासं, अहमदाबाद। गुजरात ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर 17 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को घटाया वहीं 12.3 मिलियन टन कोयला की बचत की। सरकार ने 2030 तक वैकल्पिक स्रोतों से 30 हजार मेगावाट ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने गांधीनगर में स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज का लोकार्पण करते हुए बताया कि गुजरात ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर जहां पर्यावरण का संरक्षण किया वही प्रदूषण को भी कम करने में सफल रहे। राज्य के जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय प्रबंध संस्थान तथा भारतीय तकनीक संस्थान के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन पर राज्य का एक्शन प्लान तैयार किया है।

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    पवन और सौर ऊर्जा तथा इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग पर खास ध्यान

    राज्य सरकार पर्यावरण सुरक्षा के लिए पवन और सौर ऊर्जा तथा इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग पर खास ध्यान दे रही है। वर्ष 2030 तक गुजरात सरकार 30 गीगावॉट ( 30 हजार मेगा वाट) ऊर्जा का उत्पादन वैकल्पिक स्रोत पवन ऊर्जा तथा सौर ऊर्जा से करेगी। सोलर रूफटॉप में गुजरात 1 लाख 11 हजार घरों पर यह प्रोजेक्ट लगाकर भारत के कुल रूफ टॉप में 25 फीसदी हिस्सेदारी कर ली है।

    पशुपालन कृषि तथा स्वास्थ्य सेवाओं को भी संरक्षण में किया शामिल

    एक्शन प्लान के तहत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास, बैटरी संचालित बसों, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, वनीकरण, ऊर्जा संरक्षण वन संरक्षण जल संरक्षण समुद्री किनारों के संरक्षण के साथ पशुपालन कृषि तथा स्वास्थ्य सेवाओं को भी इसके अंतर्गत शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात में पवन ऊर्जा से 9000 मेगावाट तथा सौर ऊर्जा से 5000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है 2030 तक इसे 30000 मेगावाट तक पहुंचाया जाएगा।

    सरकार द्वारा वन व मैदानी क्षेत्रों में चैरी के पौधे बड़ी संख्या में लगाए जाएंगे

    गुजरात में पेट्रोल डीजल की खपत को कम करने के लिए सीएनजी स्टेशनों की संख्या 300 से 900 की जा चुकी है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने तथा उनके मंत्रिमंडल के सदस्य शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ास्मा, गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा, ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल, वन मंत्री सामाजिक कल्याण मंत्री महिला बाल विकास मंत्री आदि ने अपने अपने क्षेत्रों में पौधारोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात 1650 किलोमीटर समुद्री किनारे से घिरा है कच्छ जैसा रेतीला रण है विंध्याचल तथा सतपुड़ा जैसी पहाड़ियां है सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य में समुद्री किनारों पर मैंग्रोव के पौधे लगाएगी तथा वन व मैदानी क्षेत्रों में चैरी के पौधे बड़ी संख्या में लगाए जाएंगे।