भारत की ग्रोथ स्टोरी में गुजरात लहरा रहा परचम, अब तक 16 देशों ने जताई वाइब्रेंट गुजरात में भाग लेने पर सहमति
अगले साल गुजरात के गांधीनगर में होने वाली 10वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 का उद्देश्य दुनियाभर के बिजनेस घरानों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 की थीम गेटवे टू द फ्यूचर को अब तक 16 देशों और 14 संगठनों ने भाग लेने पर सहमति व्यक्त की है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आयोजन 10 जनवरी से 12 जनवरी तक गांधीनगर में किया जाएगा।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। अगले साल गुजरात के गांधीनगर में होने वाली 10वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 का उद्देश्य दुनियाभर के बिजनेस घरानों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां पर वे भविष्य की संभावनाओं के लिए निवेश कर सकें। इस आयोजन को पूरी दुनिया से समर्थन मिल रहा है। दुनिया के बड़े देशों और संगठनों ने इसमें अपनी रुचि दिखाई है।
समिट में कितने देश हो रहे शामिल?
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 की थीम 'गेटवे टू द फ्यूचर' को अब तक 16 देशों और 14 संगठनों ने भाग लेने पर सहमति व्यक्त की है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आयोजन 10 जनवरी से 12 जनवरी तक गांधीनगर में किया जाएगा। इस आयोजन की थीम से ही समझा जा सकता है कि ये आयोजन फ्यूचर की संभावनाओं को कैश करने के लिए किया गया है।
अभी तक जापान, फिनलैंड, मोरक्को, दक्षिण कोरिया, मोज़ाम्बिक, एस्टोनिया, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, नीदरलैंड, नॉर्वे, नेपाल, थाईलैंड, बांग्लादेश, जर्मनी और मिस्र ने इस कार्यक्रम में भाग लेने की पुष्टि की है।
साझेदार संगठनों में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया (AMCHAM इंडिया), कनाडा इंडिया फाउंडेशन, EPIC इंडिया-यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC), इंडो-कैनेडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICCC), इंडो-अफ्रीकन चैंबर ऑफ एंड इंडस्ट्रीज अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, जापान एक्सट्रनल ट्रेड आर्गेनाइजेशन (JETRO), नीदरलैंड्स बिजनेस सपोर्ट ऑफिस (एनबीएसओ), भारत में ईयू चैंबर्स ऑफ कॉमर्स की परिषद, यूएई भारत बिजनेस काउंसिल, यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी), यूएस इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) और वियतनाम में इंडियन बिजनेस चैंबर (INCHAM) शामिल हैं।
प्रत्येक साझेदार देश और संगठन वाइब्रेंट गुजरात की सफलता में योगदान देकर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सहयोग, व्यापार और निवेश के अवसरों को और बढ़ाने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से आगामी वाइब्रेंट गुजरात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सेमीकंडक्टर्स, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ निवेश आकर्षित करने के लिए एक प्रभावी मंच तैयार किया गया है। शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए भागीदार देश और भागीदार संगठन 2047 तक विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप सेमिनारों में सक्रिय रूप से भाग लेकर योगदान देंगे।
गुजरात ने पूरी दुनिया को करके दिखाया है। देश का छोटा सा राज्य लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। पीएम मोदी के द्वारा 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में गुजरात बड़ा योगदान निभाने जा रहा है। गुजरात में बिजनेस का इकोसिस्टम है। इसी के कारण राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगातार वृद्धि हो रही है।
विकसित भारत का हाइवे
राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात देश को 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में आत्मनिर्भरता के मंत्र पर चलते हुए भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। गुजरात लगातार देश के विकास में योगदान कर रहा है। अगर हम गुजरात के एरिया की बात करें तो यह पूरे देश का सिर्फ छह फीसदी है, लेकिन देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इसका योगदान 8 फीसदी है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल आउटपुट के मामले में 18 फीसदी और एक्सपोर्ट के मामले में 30 फीसदी योगदान देता है। राज्य की जीडीपी पिछले दो दशक में 1.27 लाख करोड़ रुपये से 16.17 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
गुजरात में 100 से भी अधिक फार्च्यून 500 कंपनियां, 13 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) काम कर रहे हैं। राज्य पिछले दो दशक में 15 फीसदी की दर से कम्पाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से प्रगति कर रहा है।
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