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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गुजरात की ओर दागी थीं मिसाइलें

By Agency Edited By: Anil Pandey
Published: Sun, 01 Jun 2025 12:04 AM (IST)

BSF के गुजरात फ्रंटियर के DIG अभिषेक पाठक के अनुसार पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गुजरात की ओर मिसाइलें ...और पढ़ें

BSF Gujarat Frontiers: सीमा सुरक्षा बल यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स गुजरात की फाइल फोटो।
BSF Gujarat Frontiers: सीमा सुरक्षा बल यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स गुजरात की फाइल फोटो।

HighLights

  1. 200 ड्रोन भी दागे थे, लेकिन भारत ने सभी हमलों को किया विफल
  2. पाकिस्तान ने सीमा पर टैंक और तोपें भी तैनात की थीं : BSF

पीटीआई, गांधीनगर। पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गुजरात की ओर मिसाइलें दागी थीं। 200 ड्रोन से भी हमले किए थे, लेकिन इन हमलों से कोई नुकसान नहीं हुआ। पड़ोसी देश के हर हमले को भारतीय बलों ने नाकाम कर दिया। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

बीएसएफ के गुजरात फ्रंटियर के महानिरीक्षक (BSF DIG) अभिषेक पाठक ने कहा कि पाकिस्तान ने सीमा पर टैंक और भारी भारी तोपें भी तैनात की थीं। भविष्य में हमलों का और बेहतर तरीके से जवाब देने के लिए हर चीज का विश्लेषण किया जा रहा है।

भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहरेदारी

बीएसएफ राजस्थान के बाड़मेर से लेकर गुजरात के कच्छ जिले तक भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहरेदारी करता है। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने छह-सात मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में नौ आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया था।

इसके बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की जिसका भारत ने माकूल जवाब दिया था। चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को संघर्ष समाप्त करने पर सहमति जताई।

आर्मी और एअरफोर्स अलर्ट थी

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ की भूमिका पर संवाददाता सम्मेलन में पाठक ने कहा, पाकिस्तान द्वारा राजस्थान से कच्छ तक हमारी सीमा की ओर भेजे गए लगभग 600 ड्रोन में से लगभग 40 प्रतिशत (200 ड्रोन) गुजरात में प्रवेश कर गए। हालांकि हमने थलसेना और वायु सेना की मदद से हमले को विफल कर दिया। न तो हमारे बलों को और न ही आम लोगों को कोई नुकसान हुआ। इनमें से कुछ ड्रोन को मार गिराया गया।

पाठक ने कहा, हमें पता चला कि पाकिस्तान ने सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाने के साथ ही अग्रिम क्षेत्रों में भारी तोपखाना और टैंक भी तैनात किए। इस स्थिति को देखते हुए बीएसएफ ने सेना, नौसेना और वायुसेना के साथ मिलकर तैयारियां की। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की।

बीएसएफ की तैयारियों पर पाठक ने कहा कि गुजरात फ्रंटियर ने सीमा पर सभी चौकियों पर उच्च कैलिबर के हथियार और निगरानी उपकरण तैनात किए क्योंकि पाकिस्तान सेना की सीमा पर तैनाती के बारे में सूचनाएं मिली थीं।

पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बारे में पाठक ने कहा कि बीएसएफ के साथ-साथ सेना और अन्य संबंधित विभाग इन हमलों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि भविष्य में और बेहतर तरीके से हमलों को जवाब दिया जा सके। यह शायद पहली बार है जब ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई।

उन्होंने कहा, बीएसएफ, अन्य बलों और संबंधित विभागों के लिए कई सीखने की बातें हैं। हम इन पहलुओं का विश्लेषण कर रहे हैं। किसी भी प्रणाली में सुधार की हमेशा गुंजाइश होती है।