अहमदाबाद, जेएनएन। Sabarmati Central Jail. गुजरात की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली साबरमती सेंट्रल जेल के कैदी जेल में रहकर भी ऐशो-आराम की जिदंगी जीते हैं। यहां रुपये लेकर कैदियों को ऐशो-आराम का सामान खुद जेल के कर्मचारी ही पहुंचाते हैं। खुद जेल अधीक्षक रमेशभाई मकवाणा ने ही इसका पर्दाफाश करते हुए जेल सहायक के पास से मोबाइल, तंबाकू व सिगरेट आदि बरामद किए हैं। पिछले महीने भी जेल में से 100 से अधिक मोबाइल मिले थे। जिसके बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान पैदा हुआ है।

साबरमती सेंट्रल जेल के जेल अधिक्षक रमेशभाई मकवाणा मंगलवार को जेल में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान ग्रुप नंबर-दो के जेल सहायक ऋतेशभाई बाबुभाई चौधरी पर भी शंका हुई। उन्होंने जेल सहायक की भी चेकिंग की तो उनके पास से प्रतिबंधित तंबाकू के बारह पैकेट व मोबाइल मिलने से सन्न रह गए। इसके बाद उन्होंने राणीप पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई।

गत जनवरी में भी सेंट्रल जेल में बड़ा चक्कर के पास 20 पैकेट तंबाकू, सिगरेट व लाइटर मिले थे। साबरमती सेंट्र जेल में बम ब्लास्ट के आतंकी सजा काट रहे हैं। कैदियों के बाहर निकलते समय और अंदर जाते समय कड़ी चेकिंग की जाती है।

इसके बाद भी आए दिन जेल में मोबाइल, सिम कार्ड और चार्जर सहित प्रतिबंधित वस्तुएं मिलती रहती हैं। पिछले महीने ही जेल में कुख्यात विशाल गोस्वामी गिरोह का भी खुलासा हुआ था। वह जेल में से फोन कर व्यापारियों को डरा-धमका कर रुपये वसूलता था। विशाल गोस्वामी के खिलाफ पुलिस ने राज्य में पहली बार गुजकोटाक कानून के तहत मामला दर्ज किया था। विशाल गोस्वामी पर हत्या, अपहरण व लूट के कई मामले दर्ज हैं।  

सूत्रों के मुताबिक, जेलकर्मियों की मिलीभगत से प्रतिबंधित वस्तुएं कैदियों के पास पहंच रही हैं। बताया जाता है कि जेल में बंद कैदियों को मिलीभगत से नशा आदि दिया जाता है, इसके बदले उनसे मोटी धनराशि वसूली जाती है।

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