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    MIS-C: गुजरात के नवजात शिशुओं में एमआइएस-सी बीमारी के मामलों में तेजी आई

    By Sachin Kumar MishraEdited By:
    Updated: Sat, 29 May 2021 09:04 PM (IST)

    MIS-C गुजरात में नवजात शिशुओं में मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेट्री (एमआइएस-सी) सिंड्रोम बीमारी के मामले इन दिनों तेजी से बढ़ रहे हैं। कम उम्र के बच्चों में क ...और पढ़ें

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    गुजरात के नवजात शिशुओं में एमआइएस-सी बीमारी के मामलों में तेजी आई। फाइल फोटो

    अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गुजरात के सौराष्ट्र व दक्षिण गुजरात में नवजात शिशुओं में मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेट्री (एमआइएस-सी) सिंड्रोम बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कम उम्र के बच्चों में कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद यह रोग सामने आ रहा है। सौराष्ट्र व दक्षिण गुजरात के डाक्टर बताते हैं कि हर रोज इसके मामले सामने आ रहे हैं। बीते तीन माह में सूरत में करीब 200 मामले सामने आ चुके हैं जबकि राजकोट व सौराष्ट्र के अन्य जिलों में एक सप्ताह में 20 और अब तक सौ से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। राजकोट के सरकारी अस्पताल में 88 बच्चों का इलाज चल रहा है। राजकोट के डा. पेरिन डी. तिल्वा बताते हैं कि एमआइएस-सी सिंड्रोम नई नहीं है, लेकिन आजकल इसके मामले बढ़ गए हैं। कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद नवजात व छोटे बच्चों में जो एंटीबाडी बनती है वही शरीर की दुश्मन बनकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट कर रही है। यह शरीर के जिस भाग पर असर करती है उसी अंग को खराब करती है। इस रोग के प्रारंभिक लक्षण आंख, त्वचा व जीभ का लाल होना, बुखार, पेटदर्द, रक्तचाप कम होना, दस्त और सांस लेने में तकलीफ है।

    इधर, वाइब्रेंट गुजरात एवं कई अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के गवाह बने गांधीनगर के महात्मा मंदिर में डीआरडीओे ने 900 बेड का कोविड-19 अस्पताल का निर्माण कराया है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच सरकार मेडिकल सुविधाओं व संसाधनों की तैयारी कर लेना चाहती है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी शनिवार दोपहर इसका निरीक्षण करने पहुंचे और कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार तैयारियां कर रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात में सवा लाख युवकों को हर रोज टीका लगाया जा रहा है साथ ही निजी अस्पतालों की भागीदारी से 1000 रुपये फीस लेकर ड्राइव थ्रू वैक्सीन की सुविधा दी जा रही है। सरकार ने तीन करोड़ टीके का आर्डर दिया है जिसकी आपूर्ति समय-समय पर हो रही है। टीके की वैश्विक निविदा की सरकार जरूरत महसूस नहीं कर रही है। रूपाणी ने बताया कि डीआरडीओ ने गुजरात सरकार की मदद से आक्सीजन, वेंटिलेटर सहित आइसीयू जैसी तमाम आधुनिक मेडिकल सुविधाओं से युक्त इस अस्पताल का निर्माण किया है।