यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gujarat: इनाम के लालच में कर बैठे रेल की पटरियों से छेड़छाड़, पुलिस ने खोली पोल; तीन रेलकर्मी गिरफ्तार
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HighLights
- हादसा टालने का श्रेय लेने के लिए रेल कर्मियों ने पटरी से की छेड़छाड़
- पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपितों ने स्वीकार किया अपना अपराध
- सरकार और रेलवे से इनाम की लालच में कर बैठे यह कारस्तानी
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। गुजरात के सूरत जिले में रेल हादसे को टालने का श्रेय लेने के लिए पटरी से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने तीन ट्रैकमैन को गिरफ्तार किया है। ये तीनों सरकार और रेलवे से इनाम की लालच में यह कारस्तानी कर बैठे। यह मामला कौसंबा-किम रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक का है।
सूरत जिला पुलिस ने तीन ट्रैकमैन सुभाष पोद्दार, मनीष मिस्त्री और शुभम जायसवाल से पूछताछ की तो पूरे मामले का पता चला। पुलिस अधीक्षक होतेश जायसर ने बताया कि पोद्दार व अन्य ने कोसांबा और किम स्टेशन के बीच निरीक्षण के दौरान शनिवार सुबह 5:30 बजे रेलवे प्रशासन को सतर्क किया था कि शरारती तत्वों ने ट्रेन को पटरी से उतारने के लिए पटरियों के एक सेट से इलास्टिक क्लिप और दो फिशप्लेट तथा एक किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक के पेडलाक को हटाकर पटरी पर रख दिया था।
आरोपितों ने स्वयं वीडियो बनाकर अलर्ट किया
आरोपितों ने स्वयं ऐसा कर उसका वीडियो बनाया, ताकि तारीफ और इनाम पा सकें। आरोपितों ने स्वयं वीडियो बनाकर अलर्ट की मैन सुभाष कुमार को सूचित किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपितों की ओर से वीडियो भेजे जाने से ठीक पहले इस ट्रैक से ट्रेन गुजरी थी। ट्रेन के गुजरने व वीडियो भेजे जाने के बीच का समय काफी कम था।
पुलिस ने आशंका के आधार पर इन तीनों से पूछताछ की। आरोपितों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छेड़छाड़ का पता चलने और ट्रेन के गुजरने के बीच का अंतराल बहुत कम था। इतने कम समय में इतना सब कुछ कर पाना संभव नहीं था।
जांच में खुली पोल
तीनों के मोबाइल फोन की जांच की गई और छेड़छाड़ की गई पटरियों के वीडियो प्राप्त किए गए। मिस्त्री ने रात 2:56 बजे से लेकर सुबह 4:57 बजे तक अलग-अलग अंतराल पर ली गई तस्वीरें भी हटा दीं थी। इसी आधार पर पुलिस का शक पुख्ता हो गया।
