Gujarat में किला मजबूत करने में लगे हैं BJP-कांग्रेस, OBC व पाटीदार पर हुए मेहरबान
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 99 व कांग्रेस को 77 सीट पर जीत मिली थी इस बार दोनों ने ही असाधारण लक्ष्य रखा है भाजपा जहां 150 सीट जीतने का दावा कर रही है वहीं कांग्रेस 125 सीट जीतकर सत्ता में वापसी का दावा ठोक रही है।
अहमदाबाद, जेएनएन। गुजरात विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने के साथ ही दोनों प्रमुख दल भाजपा एवं कांग्रेस अपने अपने किलों को मजबूत करने में जुटे हैं। गत चुनाव में भाजपा को मध्य व दक्षिण गुजरात से अच्छा समर्थन मिला लेकिन उत्तर गुजरात व सौराष्ट्र से अपेक्षित सफलता नहीं मिली जिसके चलते भाजपा इन क्षैत्रों में पूरा दमखम लगा रही है।
59 सीटों पर ओबीसी जाति के उम्मीदवारों से मुकाबला रोचक
182 में से 100 से अधिक सीट भाजपा ने पाटीदार व ओबीसी को देकर जातिगत समीकरण साधने का भरपूर प्रयास किया है। उधर कांग्रेस ने ओबीसी, दलित, मुस्लिम के साथ हिंदीभाषियों पर भी दांव लगाया है। सियासी घमासान में बीते 3 दशक से राज्य का पाटीदार मतबैंक केंद्र में रहा है लेकिन भाजपा ने इस चुनाव में 59 सीटों पर ओबीसी जाति के उम्मीदवार को उतारकर मुकाबला रोचक बना दिया है, भाजपा इसके जरिए कांग्रेस के ओबीसी वोट बैंक में सेंध लगाने की भी जुगत में है।
इस चुनाव में भाजपा ने ओबीसी को 59 सीट, पाटीदार को 45, अनसूचित जाति को 13 व अनुसूचित जनजाति को 27 सीट दी है जबकि 14 ब्राम्हण, 13 क्षत्रिय, 4 जैन समुदाय के नेताओं को टिकट दी गई। भाजपा ने एक सिंधी, एक हिंदीभाषी, 2 मराठी व एक धार्मिक संत को भी मैदान में उतारा है। उधर कांग्रेस ने ओबीसी को 48, पाटीदार को 42, एससी 13 एसटी 27 तथा क्षत्रिय को खास तवज्जो देते हुए 26 सीट, मिली है। कांग्रेस ने ब्राम्हणों को 8, मुस्लिम को 6, जैन को 2 जबकि वैश्य व वैष्णव को एक – एक सीट दी है। कांग्रेस ने 5 हिंदीभाषी को टिकट दिया है। लेकिन इसके बावजूद गुजरात में बसे अन्य प्रांत के अधिकांश जाति व संप्रदाय के लोग भाजपा के पक्ष में मत देते आए हैं।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 99 व कांग्रेस को 77 सीट पर जीत मिली थी इस बार दोनों ने ही असाधारण लक्ष्य रखा है, भाजपा जहां 150 सीट जीतने का दावा कर रही है वहीं कांग्रेस 125 सीट जीतकर सत्ता में वापसी का दावा ठोक रही है।
विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा को करीब 49 फीसदी मत मिले जबकि कांग्रेस 41 प्रतिशत से अधिक मत हासिल कर सकी थी। थर्ड फ्रंट के दलों की स्थिति काफी खराब रही, भारतीय ट्राइबल पार्टी को 2 तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 1 सीट ही मिल सकी थी। इनके वोट प्रतिशत कीबात करें तो नोटा को थर्ड फ्रंट से अधिक मत मिले थे।
- भाजपा में टिकट का जातिगत गणित
- ओबीसी को 59
- पाटीदार 45
- ब्राम्हण 14
- क्षत्रिय 13
- मराठी 02
- सिंधी 01
- हिंदीभाषी 01
- मुस्लिम 00
- कांग्रेस का जातिगत गणित
- ओबीसी 48
- पाटीदार 42
- क्षत्रिय 26
- ब्राम्हण 08
- मुस्लिम 06
- जैन 02
- हिंदीभाषी 05
- वैष्णव 02
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