गुजरात, आनलाइन डेस्क। Arvind Kejriwal: गुजरात में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने तो रैलियों और सभाओं पर जोर देना शुरु कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तो टाउन हाल और कार्यकर्ताओं से आमने-सामने की मीटिंग भी कर चुके हैं। आटो ड्राइवर के घर जाकर खाना खा चुके हैं। दलितों को अपने पक्ष में करने के लिए उनको अपने घर पर बुलाकर दावत दे चुके हैं। दिल्ली और पंजाब में सत्ता हासिल करने के बाद अब आम आदमी पार्टी ने गुजरात पर फोकस किया है।

एक केंद्रीय मंत्री या किसी मुख्यमंत्री की ड्यूटी

अरविंद केजरीवाल ने अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट ट्विटर पर बृहस्पतिवार को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि खबर है कि गुजरात के हर ज़िले में बीजेपी एक एक केंद्रीय मंत्री या किसी मुख्यमंत्री की ड्यूटी लगा रही है। बाप रे! इतना डर? ये डर आम आदमी पार्टी का नहीं है। ये डर गुजरात के लोगों का है जो बीजेपी से बहुत नाराज़ थे और अब तेज़ी से “आप” का दामन थाम रहे हैं।

दरअसल इस साल के अंत तक गुजरात में विधानसभा के चुनाव होने है। पार्टियों ने इसके लिए पूरी रणनीति बना ली है। आम आदमी पार्टी भाजपा की रणनीति पर नजर रखे हुए हैं और भाजपा आप के तमाम वायदों को देख रही है। इसी बीच सीएम अरविंद केजरीवाल को सूचना मिली है कि भाजपा गुजरात में चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। इसी वजह से वहां हर जिले में बीजेपी के एक केंद्रीय मंत्री या किसी अन्य बड़े नेता की डयूटी लगाई जा रही है जिससे पार्टी को नुकसान न हो।

2017 के विधानसभा चुनाव में भी बना था हाईटेक मीडिया सेंटर

गौरतलब है कि गुजरात के 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी प्रदेश भाजपा ने ऐसे ही हाईटेक मीडिया सेंटर बनाया था, जो सूचना प्रौद्योगिकी व जनसंपर्क की सभी नवीनतम तकनीक से सुसज्जित था। प्रदेश भाजपा कार्यालय से अलग हाईटेक मीडिया सेंटर का प्रयोग भाजपा का काफी सफल रहा है, जिसे इस चुनाव में भी दोहराया जा रहा है।

अल्पसंख्यक वोट सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी

भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों, खासकर मुस्लिमों को पार्टी की बूथ समितियों में भी शामिल किया जाएगा। साल 2017 में भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि के कम से कम 100 मुसलमानों को पार्टी से सहानुभूति रखने वालों के रूप में जोड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया था। पार्टी के ऐसे प्रत्येक अल्पसंख्यक मित्र को अपने आसपास से भाजपा के लिए 50 अल्पसंख्यक वोट सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari

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