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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

67 साल की उम्र में पूर्व भारतीय गोलकीपर भास्कर मैती का निधन, AIFF ने जताया शोक

By Viplove KumarEdited By:
Published: Wed, 19 Aug 2020 10:32 PM (IST)

मैती के परिवार में उनकी पत्नी एक बेटा और एक बेटी है। उनके पारिवारिक मित्र शशिकांत प्रसाद ने कहा उनका ...और पढ़ें

67 साल की उम्र में पूर्व भारतीय गोलकीपर भास्कर मैती का निधन, AIFF ने जताया शोक
67 साल की उम्र में पूर्व भारतीय गोलकीपर भास्कर मैती का निधन, AIFF ने जताया शोक

मुंबई, पीटीआई। भारत के पूर्व गोलकीपर भास्कर मैती का नवी मुंबई अस्पताल में बुधवार को ब्रेन हेमरेज के कारण निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। मैती के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। उनके पारिवारिक मित्र शशिकांत प्रसाद ने कहा, 'उनका (मैती का) वाशी में एमजीएम अस्पताल में शाम करीब छह बजे निधन हो गया।'

मैती ने बैंकॉक 1978 एशियन गेम्स के दौरान इराक के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह संतोष ट्रॉफी में महाराष्ट्र के लिए 1975 से 1979 तक खेले थे। वह 1974 से 1980 तक मफतलाल स्पो‌र्ट्स क्लब और 1981 से 1982 तक राष्ट्रीय कैमिकल्स एवं फर्टीलाइजर्स (आरसीएफ) की ओर से खेले थे। संन्यास के बाद वह आरसीएफ फुटबॉल टीम के कोच बन गए थे।

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआइएफएफ) के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मैती के निधन पर दुख प्रकट किया। उन्होंने शोक संदेश में कहा, 'भास्कर मैती के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा।' एआइएफएफ के महासचिव कुशल दास ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'प्रतिभाशाली भास्कर मैती कई के लिए प्रेरणास्त्रोत थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।'

पूर्व क्रिकेटर जी कस्तूरी रंजन का निधन

पूर्व क्रिकेटर गोपालस्वामी कस्तूरी रंजन का बुधवार को यहां उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के कोषाध्यक्ष और प्रवक्ता विनय मृत्युंजय ने बताया, जी कस्तूरीरंजन का बुधवार सुबह निधन हो गया। चामराजापेट में अपने निवास पर दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ। कस्तूरी रंजन 89 वर्ष के थे और वह पूर्व क्रिकेटर, प्रशासक और बीसीसीआइ के क्यूरेटर रहे।

क्रिकेट जगत से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उन्होंने दायें हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में अपने अधिकांश मैच रणजी ट्रॉफी में 1948 से 1963 के बीच मैसूर की ओर से खेले। उनके निधन पर शोक जताते हुए पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने ट्वीट किया, जी कस्तूरीरंजन के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। क्रिकेट में योगदान के लिए उन्हें याद रखा जाएगा।

उनके परिवार के प्रति दिल से संवेदनाएं। केएससीए ने शोक संदेश में कहा, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष, सचिव और प्रबंध समिति के सदस्य पूर्व रणजी खिलाड़ी, केएससीए के पूर्व उपाध्यक्ष और बीसीसीआइ के पूर्व क्यूरेटर जी कस्तूरीरंजन के निधन पर शोक जताते हैं।