यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Fact Check: मिस्र में साल 2013 में हुए प्रदर्शन के वीडियो को हालिया हमास संघर्ष का बताकर किया जा रहा वायरल
दैनिक जागरण की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो का इजरायल और हमास ...और पढ़ें

विश्वास न्यूज (नई दिल्ली)। इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर कई फर्जी तस्वीरें और वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कई व्यक्तियों को शव की तरह लेटे हुए देखा जा सकता है। वीडियो में एक व्यक्ति हिलते हुए नज़र आ रहा है, वहीं एक अन्य व्यक्ति को हसंते हुए देखा जा सकता है। अब इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है इजरायली कार्रवाई के बाद हमास जिन्दा लोगों को शव के तौर पर दिखा कर उनके जंग में मारे जाने का दिखावा कर रह है।
दैनिक जागरण की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो का इजरायल और हमास जंग से कोई संबंध नहीं है। वीडियो साल 2013 में मिस्र के काहिरा में अल-अजहर विश्वविद्यालय में हुए एक विरोध प्रदर्शन का है, जिसे अब इजरायल और हमास जंग से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल इमेज के जरिए सर्च किया। हमें वीडियो कई जगह अपलोड मिला। ‘elbadil’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 28 अक्टूबर 2013 को वायरल वीडियो से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट मिली। वीडियो के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, “अल-अजहर विश्वविद्यालय में मुस्लिम ब्रदरहुड के दर्जनों छात्रों ने कॉलेज प्रशासन भवन के सामने एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया था।”
