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    Fact Check: चीनी पटाखों को लेकर फर्जी मैसेज हुआ वायरल

    By Shashank MishraEdited By:
    Updated: Mon, 17 Oct 2022 08:44 PM (IST)

    Fact Check वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए विश्वास न्यूज ने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स से सर्च करना शुरू किया। इस दौरान दावे से जुड़ी कोई मीडिया रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। जिससे इस बात की पुष्टि हो सके कि भारतीय एजेंसियों ने इस तरह का कोई खुलासा किया है।

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    फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की और पाया कि यह दावा गलत है।

    विश्वास न्यूज, (नई दिल्ली) । सोशल मीडिया पर गृह मंत्रालय के नाम से एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वरिष्ठ जांच अधिकारी विश्वजीत मुखर्जी ने खुलासा किया है कि इस दिवाली चीन भारत में अस्थमा फैलाने वाले पटाखे भेज रहा है, ताकि वो भारत में अस्थमा और नेत्र रोग फैला सके।

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    दैनिक जागरण की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की और पाया कि यह दावा गलत है। गृह मंत्रालय की तरफ से इस तरह की कोई पोस्ट जारी नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर लोग गलत दावा शेयर कर रहे हैं।

    फेसबुक यूजर Mohinder Singh ने वायरल पोस्ट को शेयर किया है। पोस्ट में लिखा हुआ है, “महत्वपूर्ण सूचना खुफिया जानकारी के मुताबिक, चूंकि पाकिस्तान भारत पर सीधे हमला नहीं कर सकता, इसलिए उसने भारत से बदला लेने की मांग की है। चीन ने भारत में अस्थमा फैलाने के लिए कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से भी ज्यादा जहरीले पटाखों का विकास किया है। इसके अलावा भारत में आंखों की बीमारियों को फैलने के लिए विशेष लाइट डेकोरेटिव लैंप भी विकसित किए जा रहे हैं जो अंधेपन का कारण बनता है। पारे का बहुत उपयोग किया गया है, कृपया इस दिवाली सावधान रहें और इन चीनी उत्पादों का उपयोग न करें। इस संदेश को सभी भारतीयों तक पहुंचाएं।”जय हिन्द विश्वजीत मुखर्जी,वरिष्ठ जांच अधिकारी,गृह मंत्रालय, भारत सरकार,(छ.ग.)प्राप्त होने पर अग्रेषित करें

    वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए विश्वास न्यूज ने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स से सर्च करना शुरू किया। इस दौरान विश्वास न्यूज को दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। जिससे इस बात की पुष्टि हो सके कि भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इस तरह का कोई खुलासा किया है।

    विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय की वेबसाइट को भी खंगालना शुरू किया, लेकिन विश्वास न्यूज को वहां पर भी दावे से जुड़ी कोई जानकारी या फिर प्रेस रिलीज नहीं मिली। जांच के दौरान हमने पाया कि गृह मंत्रालय में वरिष्ठ जांच अधिकारी जैसा कोई पद ही नहीं है। इसके बाद हमने विश्वजीत मुखर्जी के बारे में सर्च करना शुरू किया। हमने गृह मंत्रालय की वेबसाइट को एक बार फिर खंगाला, लेकिन हमें विश्वजीत मुखर्जी नामक कोई अधिकारी वहां पर नहीं मिला।

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