भारतीय इतिहास में 70 के दशक का दौर एक यादगार दौर माना जाता है। उस दौर की फिल्में, फैशन और स्टाइल हर किसी के दिलो-दिमाग पर छाई हुई है। उस दौर को लेकर जब कभी फिल्में बनती हैं, ऐसा हो ही नहीं सकता कि आप उससे प्रभावित न हो। OTT प्लैटेफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई फिल्म यारा (Yaara) उसी दौर की फिल्म है, जो दोस्तों के बारे में बात करती है। यह फिल्म कई मायनों में खास है। पहली तो यह कि इसे फ्रेंडशिप डे के दिन रिलीज किया गया है, दूसरी इसे तिग्मांशु धूलिया ने निर्देशित किया है और तीसरी फिल्म में काम करने वाले कलाकारों की दमदार एक्टिंग।  

क्या है फिल्म की कहानी 

फिल्म यारा (Yaara) चार दोस्तों की कहानी है, जो प्यार, फन, क्राइम और सस्पेंस पर आधारित है। यह फिल्म दो दौर की बात करती है। एक 70 के दशक की और दूसरा उसके 20 साल बाद की। कहानी की शुरुआत मितवा (अमित साध) और फागुन (विद्युत जामवाल) के बचपन से होती है। मितवा आनाथ है, लेकिन फागुन के पिता उसे अपने बेटे की तरह मानते है। धीरे-धीरे मितवा और फागुन में दोस्ती हो जाती है। अचानक एक जमीदार की वजह से फागुन के पिता की मौत हो जाती है। इसके बाद मितवा और फागुन अपने पिता की हत्या का बदला लेने के बारे में सोचते हैं। वहीं से दोनों अपराध की दुनिया में कदम रखते हैं, जहां उनकी मुलाकात चमन (संजय मिश्रा) से होती है। चमन के गैंग में मितवा और फागुन की मुलाकात रिजवान (विजय वर्मा) और बहादुर (केनी बासुमतारी) से होती है। फिर तैयार हो जाती है चौकड़ी गैंग। आगे चलकर कैसे चारों एक-दूसरे के लिए मर-मिटते हैं और कैसे बिछड़ते हैं, यही है इस फिल्म की कहानी। फिल्म के आखिरी में सस्पेंस एलिमेंट भी है, जो आपको हैरान करेगी।  

लगभग सभी किरदारों ने किया है अच्छा काम 

फिल्म में विद्युत जामवाल और अमित साध ने सदी हुई परफॉर्मेंस दी है। आप कुछ जगह विद्युत जामवाल का जबरदस्त एक्शन भी देखेंगे। विजय वर्मा और केनी बासुमतारी भी अपने काम के जरिए छाप छोड़ने कामयाब रहे हैं। 70 के दशक के लुक में चारों जच भी रहे हैं। अभिनेत्री श्रुति हसन काफी समय बाद यारा (Yaara) फिल्म के जरिए बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं। वह भी अपनी एक्टिंग से प्रभावित करती हुई दिखाई देती हैं। फिल्म में श्रुति हसन और विद्युत जामवाल की केमिस्ट्री आपको बहुत ही पसंद आएगी। बात करें दमदार एक्टर संजय मिश्रा की तो वह फिल्म में बहुत ही कम समय के लिए दिखे, लेकिन जितने समय के लिए दिखे, उन्होंने अपने अभिनय से प्रभावित किया। फिल्म में एक्टर अंकुर विकल ने भी काम किया है, जिनकी भूमिका पूरी फिल्म में संदिग्ध किरदार की रही है।

निर्देशन और अन्य 

यारा (Yaara) फिल्म को देखने की बेकरारी इस बात से ही बढ़ जाती है कि इसे तिग्मांशु धूलिया ने बनाया है। हम सब वाकिफ हैं कि तिग्मांशु धूलिया किस तरह की फिल्में बनाते हैं। वह न केवल अपने अभिनय से बल्कि निर्देशन से भी सबका दिल जीत लेते हैं। इस फिल्म में निर्देशन के जरिए उनका पुराना अंदाज आप देख सकते हैं। फिल्म की लोकेशन, सेट और किरदारों का लुक आपको 70 के दौर में ले जाने की पूरी कोशिश करता है। यहीं नहीं, यारी-दोस्ती पर बात करने वाली फिल्म का संगीत भी आपको बहुत पसंद आएगा।  

अंत में यही कहा जा सकता है कि अगर आप 70 के दौर से प्रभावित हैं। साथ ही दोस्ती वाली फिल्म पसंद है, तो आपको यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। दोस्तों के बीच प्यार को देखकर आपका चेहरा जरूर खिल उठेगा।

लेखक -  शक्ति सिंह 

 यह आर्टिकल ब्रांड डेस्‍क द्वारा लिखा गया है

Posted By: Rajat Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस