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    Masaba Masaba Review: मां नीना गुप्ता के साथ अभिनय की दुनिया में मसाबा की दमदार दस्तक

    By Manoj VashisthEdited By:
    Updated: Sun, 30 Aug 2020 11:17 AM (IST)

    Masaba Masaba Review मसाबा मसाबा के पहले एपिसोड की शुरुआत एक ब्लाइंड आइटम से होती है जिसमें मसाबा और विनय (सत्यदीप मिश्रा) की शादी में खटपट होने की ओर इशारा किया जाता है।

    Masaba Masaba Review: मां नीना गुप्ता के साथ अभिनय की दुनिया में मसाबा की दमदार दस्तक

    नई दिल्ली, मनोज वशिष्ठ। नेटफ्लिक्स पर इस शुक्रवार वेब सीरीज़ मसाबा मसाबा रिलीज़ हुई है। सीरीज़ की कहानी जानी-मानी एक्ट्रेस नीना गुप्ता और उनकी बेटी मसाबा गुप्ता की अपनी ज़िंदगी की प्रमुख घटनाओं से प्रेरित है। इसीलिए इसे बायोग्राफी नहीं कहा गया है। सम्भवत: काल्पनिक कहने से बहुत कुछ कहने की छूट मिल जाती है और शिकवे-शिकायतों की गुंज़ाइश कम हो जाती है। सीरीज़ के ओपनिंग क्रेडिट्स में भी डिस्क्लेमर डालकर साफ़ कर दिया गया है। पहले सीज़न में 6 एपिसोड हैं।

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    मसाबा मसाबा के पहले एपिसोड की शुरुआत एक पब्लिकेशन में आये एक 'ब्लाइंड आइटम' से होती है, जिसमें मसाबा और विनय (सत्यदीप मिश्रा) की शादी में खटपट होने की ओर इशारा किया जाता है। वैसे, मसाबा और सत्यजीत रियल लाइफ़ में भी अच्छे दोस्ते हैं। मसाबा अपने पति मधु मांटेना से अलग हो चुकी हैं।

    पिछले दिनों आप सबने ब्लाइंड आइट्म्स का नाम ख़ूब सुना होगा। सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद सोशल मीडिया में उन पर लिखे गये ब्लाइंड आइटम्स को लिखने वालों की ख़ूब मजम्मत भी की गयी। मसाबा मसाबा की मुख्य पात्र मसाबा यह दिखाने की कोशिश करती है कि अपने बारे में छपे इस ब्लाइंड आइटम को गंभीरता से नहीं लेती, मगर अंदर ही अंदर सच्चाई उसे भी मालूम है।

    यह ब्लाइंड आइटम पेज 3 सोसाइटी में गॉसिप का बहुत बड़ा ज़रिया बन जाता है। स्टार के रूप में पहले एपिसोड में कियारा आडवाणी का कैमियो है। कियारा एक स्टार अभिनेत्री के किरदार में दिखायी गयी हैं, जो एक फोटो ऑप के लिए डिज़ाइनर ड्रेस पहनकर हाथ में झाड़ू लेकर पैपराज़ी के सामने जाती हैं। ऐसे दृश्य पहले भी नज़र आते रहे हैं। 

    पहले एपिसोड में मसाबा की वर्क लाइफ़ के साथ उनकी मां नीना के साथ बॉन्डिंग को भी दिखाया गया है, जो इस सीरीज़ की एक हाइलाइट है। नानी गुप्ता बेहद नेचुरल एक्ट्रेस हैं। उन्हें देखकर नहीं लगता कि उन्हें अभिनय करने की ज़रूरत पड़ती होगी। ख़ासकर, इस सीरीज़ में तो बिल्कुल नहीं, क्योंकि वो ख़ुद का किरदार निभा रही हैं। मसाबा ज़रूर तारीफ़ के लायक हैं। कैमरे के पीछे की दुनिया तो उन्होंने बचपन से देखी है, मगर सामना पहली बार किया है, जिसमें वो काफ़ी हद तक सफल रही हैं। 

    नीना और मसाबा के बीच वास्तविक जीवन बॉन्डिंग पर्दे पर भी नज़र आती है। दोनों के बीच वो कम्फर्ट लेवल दृश्यों में भी नज़र आता है। सीरीज़ में पूजा बेदी भी अर्से बाद एक ख़ास किरदार में दिखायी देती हैं। मसाबा मसाबा का पहला एपिसोड फैशन, बॉलीवुड और पेज 3 संस्कृति से सराबोर है, मगर मनोरंजक है।

    मधुर भंडाकरकर की पेज 3, फैशन और बाद में हीरोइन में इन कल्चर को ख़ूब दिखाया गया है और वो एक तरह से नज़ीर भी बन चुका है। मसाबा मसाबा, एक फैशन डिज़ाइनर की कहानी है तो सम्भव है कि बहुत से साइड ट्रैक देखे-देखे से लगें। सीरीज़ की भाषा वैसे तो हिंदी-अंग्रेजी मिश्रित है, मगर अंग्रेजी का प्रभाव ज़्यादा है। मसाबा मसाबा का पहला एपिसोड आपको लुभाता है, मगर बिंज वॉच के लिए बेकरार नहीं करता। सोनम नायर का निर्देशन सरल और तरल है। 

    कलाकार- नीना गुप्ता, मसाबा गुप्ता, सत्यजीत दुबे, पूजा बेदी आदि।

    निर्देशक- सोनम नायर

    क्रिएटर- अश्विनी यर्दी 

    स्टार- *** (3 स्टार)