नई दिल्ली, जेएनएन। छोटे पर्दे की मशहूर अभिनेत्री आमना शरीफ जल्द डिजिटल दुनिया में अपनी एक्टिंग की शुरुआत करने वाली हैं। वह ओटीटी प्लेटफॉर्म हंगामा प्ले की वेब सीरीज 'डैमेज्ड' के सीजन 3 में नजर आने वाली हैं। इस वेब सीरीज से आमना शरीफ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करेंगे। वेब सीरीज 'डैमेज्ड' के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी है। इस सीरीज में आमना शरीफ एक लेडी पुलिस ऑफिस की भूमिका अदा कर रही हैं।

इस किरदार को करने के लिए उन्हें न कवेल बंदूक चलाना सिखाना पड़ा, बल्कि पुलिस ऑफिस की तरह भाषा भी सिखनी पड़ी है। अपने किरदार को वास्तविक बनाने के लिए वेब सीरीज 'डैमेज्ड 3' में आमना शरीफ ने गालियों का भी इस्तेमाल किया है। जिसके लिए उन्हें बाकायदा हिंदी में गालियां देने के लिए वर्कशॉप लेनी पड़ी थी। इस बात का खुलासा खुद आमना शरीफ ने किया है।

आमना शरीफ ने हाल ही में अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स से ढेर सारी बातें कीं। इस दौरान उन्होंने अपने करियर और वेब सीरीज 'डैमेज्ड' को लेकर भी बात कीं। आमना शरीफ ने कहा, 'मैं किरदार को पूरी तरह खुद में उतार लेना चाहती थी और इसके लिए मैंने अपने डायरेक्टर के साथ कुछ वर्कशॉप कीं और खुद के ऊपर भी काफी काम किया।' आमना शरीफ ने यह भी बताया है कि वेब सीरीज 'डैमेज्ड 3' के शूटिंग से 10 दिन पहले उन्होंने अपने करीबियों और लोगों से दूरी बना ली थी।

अभिनेत्री ने कहा, 'मेरा किरदार न केवल एक सख्त पुलिस वाला है, बल्कि इसमें ग्रे शेड्स भी हैं। मैंने पुलिस ऑफिसर्स के बहुत सारे इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट्री फिल्में देखीं। मैंने उनका तौर तरीका, उनकी बॉडी लैंग्वेज और वह कैसे माहौल में कैसा बर्ताव करते हैं यह सब सीखा। मेरे ऐसे बहुत सारे सीन हैं जिनमें मैंने बंदूक इस्तेमाल की है जो कि मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी यूज नहीं की।'

आमना शरीफ ने कहा, 'मेरे निर्देशक विक्रांत सर ने मुझे शूटिंग के पहले एक बंदूक दी थी जिसे मैं घर पर अपने साथ रखा करती थी। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिस करो, इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने की कोशिश करो ताकि जब तुम सेट पर आओ तो तुम्हारा बंदूक पकड़ना अप्राकृतिक नहीं लगे।' आमना शरीफ ने यह भी बताया है कि उन्होंने जिंदगी में कभी हिंदी में गाली नहीं दी, इसलिए गाली सीखने के लिए वर्कशॉप लेनी पड़ी ताकि स्क्रीन पर गालियां स्वाभाविक लगें।

अभिनेत्री ने कई दिनों तक गाली देने की प्रैक्टिस की थी। आमना शरीफ ने कहा, 'मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हिंदी में गाली नहीं दी। इस वजह से मुझे वर्कशॉप लेनी पड़ी थी, क्योंकि मैं स्क्रीन पर स्वाभाविक नहीं दिख रही थी। एक कलाकार के तौर पर हर दिन आपके लिए सीखने के अनुभव जैसा होता है। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी एक्शन सीन नहीं किए, लेकिन इस किरदार ने मुझे वह मौका दिया। मुझे इस किरदार को निभाने में काफी समय लगा। मैं घर वापस आ जाती लेकिन काफी समय तक इस किरदार से अलग नहीं हो सकती थी।' 

Edited By: Anand Kashyap