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दूरदर्शन का वो सीरियल जिसे देखते ही कुर्सी से गिर पड़े थे Amitabh, शाम होते ही टीवी से चिपक जाती थी फैमिली

Published: Wed, 21 Oct 2026 03:45 PM (IST)

दूरदर्शन पर 34 साल पहले एक ऐसा शानदार शो आया था, जिसकी कुछ झलकियां देखने के बाद हंसते-हंसते खुद अमिताभ बच्चन भी कुर्सी से गिर पड़े थे।

दूरदर्शन का ये मजेदार शो देखते हुए गिर पड़े थे अमिताभ बच्चन/फोटो-इंस्टाग्राम

दूरदर्शन का ये मजेदार शो देखते हुए गिर पड़े थे अमिताभ बच्चन/फोटो-इंस्टाग्राम

HighLights

  1. 90s के पॉपुलर शो को देख कुर्सी से गिर पड़े थे बिग बी

  2. दूरदर्शन पर बच्चों-बूढ़ों सबका फेवरेट था कॉमेडी शो

  3. खुद के परिवार पर निर्देशक ने गढ़े थे किरदार

एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। दूरदर्शन ने दर्शकों को कई ऐसे टीवी शो दिये हैं, जो साल बीतने के बाद भी उनके जहन से नहीं निकले हैं। खास तौर पर दूरदर्शन का वो दौर 80 और 90 के दशक में पैदा हुए बच्चों के लिए तो बेहद खास था।

34 साल पहले डीडी नेशनल पर एक ऐसा ही शो आया था, जिसकी एडिटिंग ऑन द स्पॉट हुआ करती थी। ये शो इतना कमाल था कि एक बार अमिताभ बच्चन भी हंस-हंसकर अपनी कुर्सी से ही गिर गए थे।

दूरदर्शन पर शो ने 34 साल पहले मचाई थी खूब धूम

दूरदर्शन (Doordarshan Shows) के जिस यादगार शो का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह साल 6 मई 1993 में ऑनएयर हुआ था। शो का टाइटल था देख भाई देख। डीडी के इस पॉपुलर शो का निर्देशन पॉपुलर डायरेक्टर आनंद महेंद्रू ने संभाला था। देख भाई देख (Dekh Bhai Dekh show) के डायरेक्टर ने साल 2016 को हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए अमिताभ बच्चन से जुड़ा किस्सा शेयर किया था।

उन्होंने बताया था, "साल 1992 में जया बच्चन मेरे पास आईं और उन्होंने कहा कि मैं यूके में एक चैनल खोल रही हूं और चाहती हूं कि तुम उसके लिए एक कॉमेडी शो बनाओ। मैंने ज्वाइंट फैमिली पर एक कॉमेडी शो बनाने का निर्णय लिया। मैंने पायलट शूट किया और जया को भेज दिया। उसके बाद मुझे अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachahan) से फोन आया और उन्होंने कहा कि उन्हें ये पायलट इतना पसंद आया कि वह इसे देखकर इतना हंस रहे थे कि अपनी कुर्सी से ही गिर गए।"

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खुद के परिवार से इंस्पायर होकर बनाया कॉमेडी शो

आनंद महेंद्रू ने ये भी बताया था कि देख भाई देख सीरियल बनाने की प्रेरणा उन्हें कहीं और से नहीं, बल्कि अपने ही परिवार के सदस्यों से मिली थी। फरीदा जलाल ने जो किरदार निभाया था, वह उनकी मां से इंस्पायर था, वहीं नवीन निश्चल का कैरेक्टर उनके बड़े भाई से इंस्पायर था।"

उन्होंने ये भी बताया कि देख भाई देख को उन्होंने 10 दिन में तैयार कर लिया था। निर्देशक ने कहा था, "मुझे पता था कि फरीदा जी और सुष्मा जी को तो शो में मैं ले ही रहा हूं। हालांकि, शेखर सुमन वाले रोल के लिए मैंने हर्ष छाया को भी अप्रोच किया था, लेकिन शेखर की कॉमेडी टाइमिंग इतनी बेहतरीन थी कि मैंने उन्हें ही शो के लिए फाइनल किया।"

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ऑन द स्पॉट होती थी एडिटिंग

दूरदर्शन का देख भाई देख उन शोज में से एक है, जिसमें सबसे पहले मल्टी कैमरा सेटअप का इस्तेमाल किया गया था। निर्देशक ने कहा था, "हमने काफी इम्प्रोवाइज किया है। लिलिपुट इसके डायलॉग्स लिखते थे। मैं एक्टर्स को सारे सीन्स एक्सप्लेन करता था। थैंकफुली हमारे पास कई एपिसोड्स के बैंक थे, तो ऑनएयर के वक्त कभी भी प्रेशर नहीं आता था। हमने लंदन में शो के 13 एपिसोड शूट भी किए थे।

कौन-कौन से सितारे आए थे शो में नजर?

देख भाई देख का निर्देशन जहां आनंद महेंद्रू ने संभाला था, तो वहीं जया बच्चन शो की प्रोड्यूसर थीं। शो में सुषमा सेठ, एन.के, शिवपुरी, नवीन निश्चल, शेखर सुमन, फरीदा जलाल, भवन बालसवर, विशाल सेठ, नताशा सिंह, अमर उपाध्याय, देवेन भोजानी, उर्वशी ढोलकिया, सतीश शाह जैसे दिग्गज निर्देशकों ने काम किया था।

इस शो के तकरीबन 50 एपिसोड्स ऑनएयर हुए थे। यह शो रोज शाम को 6 बजे आता था, जहां पूरा परिवार अपना काम खत्म करके एक साथ बैठकर शो देखते थे।

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क्या थी देख भाई देख की कहानी?

दूरदर्शन के लोकप्रिय शो देख भाई देख की कहानी दीवान परिवार की तीन जनरेशन के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो मुंबई में अपने पुरखों की फैमिली में एक साथ रहते थे। सीरियल में ज्वाइंट फैमिली के बीच होने वाले ट्रबल, बिजनेस प्रॉब्लम, पेरेंटिंग और सास-ससुर की कहानी को दिखाया गया था।

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