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    शो कथा आखिरी की अभिनेत्री अदिति शर्मा का कहना है कि परिवार का सहयोग न हो तो काम करना मुश्किल है

    By Dinesh DixitEdited By:
    Updated: Thu, 24 Nov 2022 09:32 PM (IST)

    डिजिटल प्लेटफार्म पर विदेशी शो का भारतीय संस्करण तो बनता है लेकिन टीवी पर ऐसे शो कम ही बनते हैं। अभिनेत्री अदिति शर्मा तुर्किए के शो 1001 नाइट्स के भारतीय संस्करण कथा आखिरी में काम कर रही हैं। यह शो सोनी चैनल पर पांच दिसंबर से प्रसारित होगा..

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    अभिनेत्री अदिति शर्मा तुर्किए के शो 1001 नाइट्स के भारतीय संस्करण कथा आखिरी में काम कर रही हैं

     प्रियंका सिंह

    यह कई देशों में पसंद किया गया है। क्या जिम्मेदारी का अहसास होता है, क्योंकि टीवी सितारों की पहुंच विदेश में भी होती है

    हां, जिम्मेदारी तो है। यह शो सुपरहिट रहा है। हम इसे भारतीय तरीके से बना रहे हैं। टीवी के लिए नई बात है, क्योंकि यहां अलग तरह के शो बनते हैं। यह शो थोड़ा सा रियलिस्टिक जोन में है। मैंने पहले सोचा था कि मूल शो देखूं, लेकिन इस शो के निर्देशक ने कहा कि मत देखो। कई बार जब आप किसी को उस भूमिका में देख लेते हैं तो फिर कहीं न कहीं उसी कलाकार की तरह काम करने की सोचते हैं। मैं पहली बार किसी अडैप्टेड शो में काम कर रही हूं। मैंने इस भूमिका की तैयारी जीरो से शुरू की है।

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    आप जब विदेश जाती हैं तो वहां पर अपने द्वारा निभाई भूमिकाओं को लेकर किस तरह की प्रसिद्धि दिखाई देती है?

    सच कहूं तो विदेश में लोग मुझे आज भी मेरे शो गंगा की वजह से जानते हैं। वे मुझे इसी नाम से बुलाते भी हैं। कई जगहों पर वे मुझसे पैसे नहीं लेते हैं कि आप तो गंगा हैं, पैसे कैसे लेंगे। इस पर मुझे कई बार कहना पड़ता है कि अब मैं वह शो नहीं कर रही हूं। कई बार तो मेरे ससुरजी को भी फ्री में सामान लेना पड़ा है, क्योंकि लोग दे देते हैं।

    गंगा की भूमिका लोगों के दिमाग में बैठी है। क्या ऐसे में हर शो के साथ नई भूमिका में खुद को विश्वसनीय बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है ताकि लोग उस नई भूमिका में अपनाएं?

    हां, ऐसा होता है, क्योंकि जब मैंने शो गंगा खत्म किया था तो लोग मुझे अदिति के बजाय उसी नाम से बुलाते थे। मेरे दिमाग में भी वह बस गया था, दूसरों की क्या कहूं। जब मैंने शो सिलसिला बदलते रिश्तों का किया तब मैंने एहसास किया कि अगर आप किसी भूमिका को ईमानदारी से करेंगे तो दर्शक धीरे-धीरे नई भूमिकाओं में अपनाने लग जाएंगे। कथा की शूटिंग करते हुए 15 दिन हो गए हैं। मैं अब इस नाम पर प्रतिक्रिया देने लगी हूं। यह कहानी की ताकत होती है। दर्शक हम पर इतना वक्त और अपनी भावनाएं खर्च करते हैं, ऐसे में उनके लिए मेहनत तो करनी ही होगी।

    आपने ज्यादातर लाउड अभिनय से दूरी बनाई है। इसकी कोई खास वजह?

    मैंने दक्षिण भारतीय और पंजाबी फिल्में की हैं। कई विज्ञापन करती हूं। रंगमंच से जुड़ी हूं। मुझे नहीं लगता है कि रंगमंच के अलावा आपको बिना वजह अपनी आवाज को बढ़ाने की जरूरत है। रंगमंच में कई बार आखिरी लाइन में बैठे दर्शक तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए जोर से बोलना पड़ता है। मुझे अभिनय को वास्तविकता के करीब रखना पसंद है। मुझे कोई लाउड एक्टिंग के लिए कह देता है तो मुश्किल होती है।

    आपका बेटा छोटा है। टीवी में वक्त बहुत देना पड़ता है। अपनी शिफ्ट को लेकर कितनी सतर्क रहती हैं?

    बहुत ज्यादा। 12 घंटे काम होता है। आपको थोड़ा बहुत समझौता तो करना पड़ता है। हालांकि जिस प्रोडक्शन हाउस के साथ मैं काम कर रही हूं, वे संभाल लेते हैं। मेरे पति भी एक्टर हैं। वह मेरा बहुत साथ देते हैं। इसलिए सब कुछ आसानी से हो जाता है। परिवार का सहयोग न हो तो हर जगह काम करना मुश्किल होता है। मेरा बेटा तीन साल का है। मैं घर आती हूं तो वह खुश हो जाता है। मैं सभी टीवी कलाकारों को सलाम करती हूं। रोज 12 से 15 घंटे काम करना आसान नहीं।

    इस शो के ट्रेलर में दिख रहा है कि आपके प्रेमी माफी मांग रहे हैं। वास्तविक जीवन की बात करें तो क्या आप आसानी से माफ कर देती हैं?

    सच कहूं तो यह बात मैंने भी सोची थी, जब यह शो मेरे पास आया था। शूटिंग के दौरान भी यह दिमाग में चल रहा था। मैं आराम से माफ कर देती हूं। मैं बहुत देर तक अपना गुस्सा रोककर नहीं रख सकती हूं। हालांकि कई बार ऐसा भी होता है कि अगर किसी अपने ने बहुत दिल दुखाया है तो भले ही ऊपर से बोल हूं, लेकिन मन से वह बात नहीं जाती है।