यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ujda Chaman Movie Review: संवेदनशील विषय पर बनी प्रभावहीन फ़िल्म, पढ़ें पूरा रिव्यू
Ujda Chaman Review सारे एक्टर्स होने के बावजूद जो दृश्य बने हैं वे बनावटी साबित होते हैं। पूरी फिल्म में ...और पढ़ें

पराग छापेकर, मुंबई। इन दिनों अच्छी बात यह हो रही है, हिंदी फिल्मों में मुद्दों पर आधारित फिल्मों की बयार चल रही है और अच्छी बात यह है दर्शक इन फिल्मों को स्वीकार भी कर रहे हैं। ऐसी ही एक फिल्म उजड़ा चमन दर्शकों के बीच आई है, जो गंजेपन पर आधारित है।
यह कहानी है चमन (सनी सिंह) की, जो दिल्ली के एक कॉलेज में हिंदी का प्रोफेसर है। राजौरी में रहने वाले पारंपरिक पंजाबी परिवार का यह लड़का शादी लायक हो गया है। सब कुछ अच्छा होते हुए भी शादी में रुकावट का कारण है उसका गंजापन। इसके कारण वह अपने आसपास हंसी का पात्र बना रहता है।
ऐसे में उसे मिलती है अप्सरा (मानवी गगरू) जो ओवरवेट है। घरवाले चाहते हैं, दोनों की शादी हो जाए मगर क्या यह शादी हो पाएगी? चमन अपने गंजेपन की हीन भावना से मुक्त हो पाएगा? इसी पर आधारित है फिल्म उजड़ा चमन। निर्देशक अभिषेक पाठक किस फिल्म का सब्जेक्ट तो काफी संजीदा और नया था, मगर अभिषेक से गलती यह हुई कि बॉडी शेमिंग के इस संवेदनशील मुद्दे को सिनेमा के चश्मे से देखना शुरू किया और इसीलिए जो प्रभाव पढ़ना चाहिए था, वो बिल्कुल नहीं पड़ा।
सौरभ शुक्ला छोटे से किरदार में आते हैं, मगर छा जाते हैं। मानवी गगरू का संवेदनशील अभिनय फिल्म को थोड़ा बहुत दर्शनीय बनाता है।
कुल-मिलाकर उजड़ा चमन एक अति साधारण फिल्म है, जिसे जल्दबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ा, क्योंकि किसी मुद्दे पर आधारित फिल्म बाला जल्द ही दर्शकों के सामने होगी। उससे पहले फिल्म रिलीज करने की जल्दबाजी इसके लिए घातक साबित हुई। सारे एक्टर्स होने के बावजूद जो दृश्य बने हैं वे बनावटी साबित होते हैं। पूरी फिल्म में सनी सिंह निर्देशकीय कुशलता के अभाव में अपना संपूर्ण प्रदर्शन नहीं दे पाए।
कलाकार- सनी सिंह, मानवी गगरू, सौरभ शुक्ला, करिश्मा शर्मा आदि।
निर्देशक- अभिषेक पाठक
निर्माता- कुमार मंगत पाठक, अभिषेक पाठक।
स्टार- *1/2 (डेढ़ स्टार)
