- पराग छापेकर

कलाकार- अक्षय कुमार, मौनी रॉय, अमित साध, कुणाल कपूर, सनी कौशल आदि।

निर्देशक- रीमा कागती

निर्माता- फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी।

रेटिंग- ** (दो स्टार)

खेलों पर आधारित फिल्में अक्सर देशभक्ति का जज़्बा जगाती हैं और इस इमोशन पर फिल्ममेकर्स आकर्षित होते रहे हैं। इसी कड़ी को रीमा कागती निर्देशित अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म गोल्ड आगे बढ़ाती है। गोल्ड कहानी है आज़ादी के पहले ब्रिटिश इंडिया के राज्य में खेलने वाली हॉकी टीम की और उसके मैनेजर की! जिनका सपना होता है किसी दिन वो स्वतंत्र भारत की टीम के लिए ओलंपिक खेलेंगे और जब यह मौका आता है तो किस तरह की मुश्किलें टीम के मैनेजर तपन दास (अक्षय कुमार) के सामने आती हैं।

वह किस तरह उन मुश्किलों से निपटते हैं और अपना सपना पूरा करते हैं, इसी ताने-बाने से बुनी गई है गोल्ड फिल्म की विषय वस्तु। निश्चित तौर पर बहुत ही आकर्षक लगती है! फिल्म को एक पीरियड फिल्म की तरह ट्रीट किया गया है! पुराने समय की गाड़ियां फैशन हेयर स्टाइल इन सब पर काम किया गया है, ताकि फिल्म को आजादी के पहले का लुक मिल सके। साथ में छोटी-छोटी चीजों को नज़रअंदाज किया गया, जो खटकता है।

निर्देशक रीमा कागती का सबसे कमजोर विभाग रहा स्क्रीन प्ले! मध्यांतर के पहले फिल्म बिखरी-बिखरी नज़र आती है! कहीं-कहीं कालखंड का ग़लत प्रयोग भी खटकता है! अगर स्क्रीनप्ले पर और मेहनत की जाती तो फिल्म का अंदाज़ कुछ अलग ही होता। हालांकि मध्यांतर के बाद फिल्म की गति आपको फिल्म में बहा ले जाती है।  अभिनय की बात करें तो अक्षय कुमार तपन दा के किरदार में छा जाते हैं! मौनी रॉय का बॉलीवुड डेब्यू सफल रहा! अमित साध भी अपने किरदार में जंचे हैं। कुल मिलाकर गोल्ड एक साधारण फिल्म है और अगर आप अक्षय कुमार के हार्डकोर फैन हैं तो आप फिल्म देख सकते हैं।

Posted By: Manoj Vashisth

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