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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hit The First Case Review: राजकुमार राव की फिल्म कहानी में थ्रिल है पर क्‍लाइमेक्‍स दमदार नहीं

By Priti KushwahaEdited By:
Published: Fri, 15 Jul 2022 02:49 PM (IST)Updated: Fri, 15 Jul 2022 02:56 PM (IST)

निर्देशक शैलेश की पहली हिंदी फिल्‍म है। वह शुरुआत से लेकर अंत तक सस्‍पेंस बनाए रखने में कामयाब रहते हैं। ...और पढ़ें

Photo Credit : Hit The First Case Instagram Photo Screenshot
Photo Credit : Hit The First Case Instagram Photo Screenshot

स्मिता श्रीवास्‍तव। Hit The First Case Review: दक्षिण भारतीय फिल्‍मों की रीमेक में हिट: द फर्स्‍ट केस भी शामिल हो गई है। यह इसी नाम से वर्ष 2020 में आई तेलुगू एक्‍शन थ्रिलर फिल्‍म की रीमेक है। मूल फिल्‍म के निर्देशक शैलेश कोलानू ने ही रीमेक का निर्देशन किया है।

फिल्‍म की कहानी पुलिस अधिकारी विक्रम (राजकुमार राव) के इर्दगिर्द है। विक्रम राजस्‍थान में होमीसाइड इंटरवेंशन टीम (हिट) में काम करता है। वह बहुत ही चतुर और तेज है और छोटे से छोटे विवरणों को भी पकड़ने की अपनी क्षमता के साथ महत्वपूर्ण मामलों को हल करता है। वह अपने वरिष्ठ शेखावत (दलीप ताहिल) का विश्‍वास हासिल कर लेता है। हालांकि उसका एक अतीत है जो उसे सालता रहता है। वह पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से गुजर रहा है। इस डिसआर्डर के कारण पुरानी बातों का बार-बार याद आना, बुरे सपने आना और ध्यान केंद्रित ना कर पाने जैसी समस्याएं होती हैं। उसे आग से डर लगता है। विक्रम की प्रेमिका नेहा (सान्‍या मल्‍होत्रा) फॉरेंसिक विभाग में करती है। इस बीच कॉलेज जाने वाली एक लड़की की कार जयपुर हाई वे पर खराब हो जाती है और वो वहां से गायब हो जाती है। मामले की पड़ताल चल रही होती है। अचानक दो महीने के बाद नेहा लापता हो जाती है। विक्रम मामले की जांच अपने हाथ में लेता है। वह दोनों लापता लड़कियों की तलाश में जुट जाता है। वह पाता है कि दोनों के तार एकदूसरे से जुड़े हैं।

बतौर निर्देशक शैलेश की यह पहली हिंदी फिल्‍म है। वह शुरुआत से लेकर अंत तक सस्‍पेंस बनाए रखने में कामयाब रहते हैं। कहानी तेजी से आगे बढ़ती है। फिल्‍म में शक की सुई कई लोगों पर घूमती है, लेकिन हासिल कुछ नहीं होता इस प्‍लाट को उन्‍होंने बहुत अच्‍छे से गढ़ा है। अगर आपने मूल फिल्‍म नहीं देखी है तो आप आखिर तक असली अपराधी को लेकर कयास लगाते रहते हैं, लेकिन क्‍लाइमेक्‍स खुलने पर आप बहुत चौंकते नहीं है। यही इस फिल्‍म की कमी है। कहानी की शुरुआत बर्फीली वादियों से होती है जिसमें राजकुमार एक लड़की को बचाने में बेबस नजर आते हैं। अंत तक उस हादसे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि उसे बताने के लिए पर्याप्‍त समय था। फिल्‍म के आखिर में दूसरा पार्ट आने की जानकारी है शायद उसमें इसे दर्शाने की कोशिश होगी।

फिल्‍म की सबसे मजबूत कड़ी राजकुमार राव की परफार्मेंस हैं। फिल्‍म का दारोमदार उनके कंधों पर है। उन्‍होंने विक्रम के गुस्‍से, आक्रोश, तनाव और संवेदनाओं को बखूबी पर्दे पर उतारा है। वह एक्‍शन करते हुए भी विश्वसनीय लगते हैं। सान्‍या मल्‍होत्रा के हिस्‍से में कुछ खास नहीं आया है। हालांकि वह ग्‍लैमरस दिखी हैं। विक्रम के साथ उनकी बांडिंग के दृश्‍यों को ज्‍यादा मजबूती से दिखाने की जरूरत थी। दलीप ताहिल और राजकुमार के बीच टकराव का एक सीन और बेहतर हो सकता था, लेकिन उसे उनकी छाया से दर्शाया गया है। वेब सीरीज द सिक्‍स सस्‍पेक्‍ट्स से सुर्खियों में आए अभिनेता जतिन गोस्‍वामी के राजकुमार के साथ टकराव के सीन अच्‍छे बन पड़े हैं। कहानी में घुमाव देने के लिए पड़ोसी की भूमिका में शिल्‍पा शुक्‍ला और पुलिसकर्मी की भूमिका में मिलिंद गुनाजी भी प्रभाव छोड़ते हैं। एक्‍शन, सस्‍पेंस और थ्रिल को बनाए रखने लिए इस्‍तेमाल किया गया गीत-संगीत औसत है। हालांकि एरियल शॉट जयपुर की खूबसूरती को बहुत बारीकी से दर्शाते हैं। बहरहाल, तेलुगू में इस फिल्‍म का दूसरा पार्ट 29 जुलाई को रिलीज हो रहा है।

फिल्‍म रिव्‍यू: हिट- द फर्स्‍ट केस

प्रमुख कलाकार: राजकुमार राव, सान्‍या मल्‍होत्रा, मिलिंद गुनाजी, शिल्‍पा शुक्‍ला, जतिन गोस्‍वामी

लेखक और निर्देशक: शैलेश कोलानू

अवधि: दो घंटे 16 मिनट

स्‍टार: तीन