नई दिल्ली, जेएनएन। अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा- द राइज की हिंदी भाषी दर्शकों के बीच सफलता के बाद अब कुछ और पुरानी दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी डब वर्जन जल्द हिंदी बेल्ट में पहुंचने की सम्भावना बन गयी है। अगर सोशल मीडिया ट्रेंड और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राम चरण की 2018 की फिल्म रंगस्थलम इस रेस में सबसे आगे है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि फिल्म का हिंदी डब वर्जन रिलीज के लिए तैयार है।

तेलुगु फिल्म रंगस्थलम 2018 के मार्च महीने में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। अहम बात यह है कि इस फिल्म का निर्देशन भी पुष्पा के निर्देशक सुकुमार ने किया था और फिल्म में राम चरण के साथ सामंथा रूथ प्रभु फीमेल लीड में थीं, जिन्होंने पुष्पा में अपने स्पेशल आइटम सॉन्ग से सोशल मीडिया को हिलाकर रख दिया।सोमवार सुबह जब यह खबर आम हुई कि अल्लू अर्जुन की सालभर पुरानी फिल्म अला वैकुंठपुरमुलू हिंदी में 26 जनवरी को रिलीज की जा रही है, तो राम चरण के फैंस सक्रिय हो गये और रंगस्थलम को भी हिंदी में रिलीज करने की मांग करने लगे, जिसके बाद रंगस्थलम ट्विटर पर ट्रेंड होने लगी। 

इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जनवरी में कोई नई हिंदी फिल्म ना होने की वजह से बॉक्स ऑफिस पर हुई कमी को भरने के लिए कुछ निर्माता ऐसी दक्षिण भारतीय फिल्मों को हिंदी में डब करके रिलीज करने की योजना बना रहे हैं, जो काफी चर्चित रही थीं और अपनी भाषा में अच्छा कारोबार किया था। इनमें रंगस्थलम के अलावा विजय की मर्सेल और अजीत कुमार की विश्वासम का नाम भी आ रहा है। 2017 में आयी मर्सल तमिल फिल्म है और बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी। वहीं, तमिल फिल्म विश्वासम 2019 में आयी थी।

रंगस्थलम 80 के दौर में सेट एक काल्पनिक गांव की कहानी है, जहां दो भाई चिट्टी बाबू और कुमार बाबू स्थानीय प्रशासन के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते हैं। राम चरण अब एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर में नजर आएंगे, जो इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल है। यह फिल्म तेलुगु के साथ दक्षिण भारतीय भाषाओं और हिंदी में भी बड़े पैमाने पर रिलीज की जाएगी। आरआरआर 7 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, मगर कोरोना के मामले बढ़ने के बाद फिल्म की रिलीज स्थगित कर दी गयी थी।

Edited By: Manoj Vashisth