मुंबई। राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की हॉरर कॉमेडी 'स्त्री' बॉक्स ऑफ़िस पर ग़ज़ब ढहाए हुए है। दूसरे वीकेंड में स्त्री ने धमाकेदार वापसी की है और 9 दिनों बाद फ़िल्म के कलेक्शन ₹72 करोड़ को पार कर गया है। स्त्री की बॉक्स ऑफ़िस रफ़्तार देखते हुए ट्रेड जानकार अब इसके 100 करोड़ क्लब में शामिल होने की संभावनाओं पर विचार करने लगे हैं। 

शुक्रवार (7 सितम्बर) को 'स्त्री' ने दूसरे हफ़्ते में क़दम रखा। रिलीज़ का यह आठवां दिन था और फ़िल्म ने ₹4.39 करोड़ जमा किये, मगर अगले ही दिन यानि दूसरे शनिवार (8 सितम्बर) को 'स्त्री' पूरे दम-ख़म के साथ बॉक्स ऑफ़िस पर वापस लौटी और लगभग 74 फ़ीसदी का जंप लेते हुए ₹7.63 करोड़ जमा कर लिये और इसके साथ ही फ़िल्म का 9 दिनों नेट कलेक्शन (टैक्स काटकर) ₹72.41 करोड़ पर पहुंच गया है। ट्रेड विश्लेषक मानते हैं कि 'स्त्री' दसवें दिन यानि आज रविवार को ₹80 करोड़ का आंकड़ा आसानी से पार कर सकती है। अब अगर बॉक्स ऑफ़िस पर 'स्त्री' की गति का अध्ययन करें तो फ़िल्म तक़रीबन ₹8 करोड़ प्रतिदिन के औसत से आगे बढ़ रही है। अगर यही औसत गति आगे भी जारी रहती है तो दूसरे हफ़्ते में 'स्त्री' 100 करोड़ क्लब में शामिल हो जाएगी।  

पहले हफ़्ते में 'स्त्री' का सफ़र

'स्त्री' 31 अगस्त को सिनेमाघरों में पहुंची थी। फ़िल्म ने पहले दिन ₹6.82 करोड़ की शानदार ओपनिंग ली। दूसरे दिन फ़िल्म ने ज़बर्दस्त उछाल लिया और शनिवार को ₹10.87 करोड़ जमा कर लिये। यह बढ़त रिलीज़ के तीसरे दिन यानि रविवार को भी जारी रही और फ़िल्म ने ₹14.38 करोड़ का कलेक्शन किया। इस तरह ओपनिंग वीकेंड में ही स्त्री को ₹32.07 करोड़ मिल गये थे। पहले सोमवार (3 सितम्बर) को कृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी का भी फ़िल्म को भरपूर फ़ायदा मिला और इसने ₹9.70 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया। मंगलवार (4 सितम्बर) को स्त्री ने ₹6.37 करोड़ बटोर लिये, वहीं बुधवार (5 सितम्बर) को ₹6.55 करोड़ की रकम जुटाने में स्त्री कामयाब रही।गुरुवार (6 अगस्त) को सातवें दिन ₹5.50 करोड़ के साथ स्त्री ने ₹60.39 करोड़ का आंकड़ा हासिल कर लिया था।

रिलीज़ से पहले वसूली लागत

इस मंझले बजट की फ़िल्म को बनाने में तक़रीबन ₹20 करोड़ निर्माताओं ने ख़र्च किये हैं, जिसमें प्रोडक्शन और प्रचार की लागत शामिल है। निर्माण और प्रचार पर ख़र्च की गयी रक़म निर्माताओं ने म्यूज़िक, सेटेलाइट और दूसरे अधिकार बेचकर वसूल कर ली है। टिकट विंडो से अब जो भी आमदनी होगी वो निर्माताओं के अलावा बाक़ी स्टेक होल्डर्स (वितरक व एग्ज़िबिटर) लिए मुनाफ़ा होगा।

राजकुमार और श्रद्धा को फ़ायदा

'स्त्री' में राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, पंकज त्रिपाठी, अपारशक्ति खुराना और अभिषेक बैनर्जी मुख्य भूमिकाओं में हैं। अपनी दमदार अदाकारी से बॉलीवुड में भरोसेमंद एक्टर बनते जा रहे राजकुमार की स्थिति को 'स्त्री' और मज़बूत करेगी। अगर हाल में रिलीज़ हुई राजकुमार अभिनीत (मुख्य भूमिका व सहायक भूमिका) कुछ फ़िल्मों को देखें तो यह उनका सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग वीकेंड है। वहीं श्रद्धा कपूर के लिए 'स्त्री' लकी साबित हुई है। श्रद्धा इसके बाद 'बत्ती गुल मीटर चालू' में नज़र आएंगी, जिसमें शाहिद कपूर लीड रोल में हैं। 'स्त्री' की सक्सेस का असर 'बत्ती गुल मीटर चालू' पर नज़र आ सकता है। वहीं राजकुमार राव 14 सिम्बर को रिलीज़ हो रही फ़िल्म 'लव सोनिया' में एक अहम किरदार निभाते हुए देखे जाएंगे।

नॉन हॉलीडे पर कमाई का रिकॉर्ड

'स्त्री' जैसी फ़िल्में हॉलीडे रिलीज़ पर निर्भरता को ख़त्म करके फ़िल्मकारों को कंटेंटे का रास्ता दिखाती हैं। यह फ़िल्में बताती हैं कि अगर फ़िल्म की कहानी, विषयवस्तु और निर्देशन में कसाव होगा तो कोई वजह नहीं कि दर्शक सिनेमाघर में फ़िल्म देखने ना पहुंचे। 'स्त्री' इस साल की उन फ़िल्मों में शामिल हो गयी है, जो नॉन हॉलीडे पर रिलीज़ हुई हैं और शानदार कमाई की है। इनमें अभी तक 'सोनू के टीटू की स्वीटी', 'संजू' और 'राज़ी' शामिल हैं, जो किसी नॉन हॉलीडे पर रिलीज़ हुईं। संजू ने ₹341 करोड़ का कलेक्शन किया, तो राज़ी और सोनू के टीटू की स्वीटी ₹100 करोड़ के पार रही हैं। 2017 में आयी 'बाहुबली 2- द कंक्लूज़न' भी नॉन हॉलीडे (29 अप्रैल) पर आयी थी और ₹511 करोड़ का कलेक्शन किया था।

पसंद आ रहा Horror Comedy Genre 

हिंदी सिनेमा में इस जॉनर को अधिक एक्सप्लोर नहीं किया गया है। 'भूल-भुलैया', 'गैंग ऑफ़ घोस्ट्स' और 'गोलमाल अगेन' जैसी फ़िल्मों में हॉरर और कॉमेडी की जुगलबंदी ज़रूर देखी गयी है। हॉरर फ़िल्में भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में एक ज़माने से बनती रही हैं, मगर उनमें कॉमेडी कलाकारों और पैरेलल ट्रैक्स के ज़रिए हंसी का तड़का लगाया जाता था। बहरहाल, स्त्री इस जॉनर की बेहतरीन फ़िल्म के तौर पर उभरी है। कुछ ट्रेड जानकार तो यह मानते हैं कि हॉरर कॉमेडी जॉनर को सही मायनों में इसी फ़िल्म में इस्तेमाल किया गया है। दर्शकों ने भी संभवत: इस बात को महसूस किया है और इसीलिए स्त्री अभी तक लोगों को अपनी तरफ़ खींच रही है। 

Posted By: Manoj Vashisth