मुंबई। युद्ध के इतिहास और भारतीय सेना के अदम्य शौर्य को बड़े परदे पर बार बार उतारने वाले जे पी दत्ता इस हफ़्ते पलटन लेकर आ रहे हैं। चीन से युद्ध में हारने के पांच साल बाद भारतीय पलटन के चीनियों को परास्त करने की घटना को लेकर बनी इस फिल्म को लेकर काफ़ी चर्चा रही है।

इस शुक्रवार ( 7 सितंबर ) को पलटन सोलो रिलीज़ नहीं है। एकता कपूर और इम्तियाज़ अली के निर्देशन में बनी लैला मजनू और मनोज बाजपेई की गली गुलियाँ भी रिलीज़ हो रही है। लेकिन हम यहां बात पलटन की करेंगे। जे पी दत्त की ये 11वीं फिल्म है। फिल्म में जैकी श्रॉफ, अर्जुन रामपाल, लव सिन्हा, सिद्धांत कपूर, गुरुमीत चौधरी, हर्षवर्धन राणे और सोनू सूद की अहम् भूमिका है। साथ में सोनल चौहान, मोनिका गिल और दीपिका कक्कड़ भी हैं। बॉर्डर और एल ओ सी कारगिल जैसी फिल्में बनाने वाले जे पी दत्ता भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास को दिखाने के लिए हमेशा आगे रहते हैं लेकिन इस बार वो पूरे युद्ध नहीं बल्कि एक पलटन की जांबाजी की कहानी लेकर आये हैं।

ऐसे चूर हुआ चीनियों का दंभ - 

ये कहानी सीमा के कुछ ख़ास प्रहरियों की है। साल 1962 में भारत चीन से युद्ध हार गया था। उस युद्ध के ठीक पांच साल बाद चीन की सेना ने एक बार फिर भारतीय सीमा में हमला किया था। चीन ने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि भारतीय सेना उस समय नाथू ला से सेबू ला (सिक्किम) तक फेंसिंग कर रही थी और चीन की सेना ये नहीं चाहती थी। चीन पर 62 की जंग जीतने का घमंड था और उसी जीत का दंभ भरते हुए चीनी सेना ने आक्रमण कर दिया। अचानक हुए इस हमले से भारतीय सेना स्तब्ध थी और इस कारण शुरू में कई सैनिक शहीद हो गए। लेकिन तुरंत भारतीय सेना ने अपने को संभाला और जवाबी कार्रवाई की। इंडियन आर्मी की इस कार्रवाई से चीन के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने सीज़फायर का ऐलान कर दिया। जे पी दत्ता इस घटना को भारतीय युद्ध इतिहास का अहम् हिस्सा मानते हैं। जानकारी के मुताबिक ये ऐतिहासिक घटना यानि चीनियों को मुंहतोड़ जवाब देने का सिलसिला 11 सितम्बर 1967 को शुरू हुआ था और इसी कारण फिल्म पलटन के रिलीज़ डेट सात सितम्बर रखी गई।

फिल्म पलटन को बनाने में करीब 25 करोड़ रूपये की लागत आई है और ट्रेड सर्किल के मुताबिक इस फिल्म को पहले दिन एक से तीन करोड़ रूपये का कलेक्शन मिल सकता है। हालांकि साथ में कोई बड़ी फिल्म न होने और पैट्रियॉटिक वॉर फिल्म होने के कारण कलेक्शन ऊपर भी जा सकते हैं।

जे पी दत्ता की साल 2006 में उमराव जान आई थी जिसने करीब साढ़े छह करोड़ रूपये का लाइफ़ टाइम कलेक्शन किया था

साल 2003 में आई एल ओ सी कारगिल ने 17 करोड़ 64 लाख रूपये का कलेक्शन किया था

इस हफ़्ते रिलीज़ हो रही लैला मजनू को एक से दो करोड़ और गली गुलिया को 50 लाख से एक करोड़ के बीच की ओपनिंग मिल सकती है l 

पलटन को स्त्री की कमाई से वैसे तो कोई ख़तरा नहीं है क्योंकि दोनों के जॉनर अलग हैं लेकिन इसके बाद मनमार्ज़ियाँ और बत्ती गुल मीटर चालू फिल्में रिलीज़ होने वाली है जो कलेक्शन को प्रभावित करेंगी।

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Posted By: Manoj Khadilkar