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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mission Raniganj: कौन हैं जसवंत सिंह गिल, जिन्होंने अकेले बचाई थी 65 लोगों की जान? रिकॉर्ड बुक में दर्ज है नाम

By Aditi YadavEdited By: Aditi Yadav
Published: Mon, 02 Oct 2023 12:31 AM (IST)Updated: Mon, 02 Oct 2023 03:09 PM (IST)

Mission Raniganj अक्षय कुमार रियल लाइफ के रूप में पर्दे पर नजर आने वाले हैं। हम बात कर रहे हैं ...और पढ़ें

Jaswant Singh Gill, Coal Mine Rescue Operation
Jaswant Singh Gill, Coal Mine Rescue Operation

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। Who Is Jaswant Singh Gill: अक्षय कुमार (Akshay Kumar) को बॉलीवुड इंडस्ट्री में 30 साल  से ज्यादा का वक्त हो चुका है। इन 30 सालों में उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है और अलग-अलग तरह के किरदार निभाये हैं। 

इनमें से कुछ ऐसे हैं, जो वास्तविक जीवन से निकले हैं। अब अपनी आने वाली फिल्म मिशन रानीगंज- द ग्रेट भारत रेस्क्यू में अक्षय ने ऐसा ही एक किरदार निभाया है, जो रियल लाइफ हीरो है और इस किरदार के नाम दर्ज है दर्जनों जिंदगी बचाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड। 

'मिशन रानीगंज' में अक्षय जसवंत सिंह गिल  (Jaswant Singh Gill) की भूमिका में नजर आएंगे। 6 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही फिल्म का ट्रेलर कुछ दिन पहले ही रिलीज हुआ था, जिसमें जसवंत सिंह गिल बने अक्षय कुमार की झलक नजर आयी थीं। मगर सवाल ये है कि आखिर कौन हैं जसवंत सिंह गिल (Jaswant Singh Gill) और क्या है द ग्रेट भारत रेस्क्यू।   

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कौन थे जसवंत सिंह गिल?  

अक्षय कुमार फिल्म के जरिए जसवंत सिंह गिल की उस कहानी को पर्दे पर लेकर आ रहे हैं, जिसमें साहस, समझदारी और जज्बा शामिल है। जसवंत गिल वो रियल लाइफ हीरो हैं, जिन्होंने अपनी सूझबूझ के दम पर 65 जानें बचायी थीं। उनके इस मिशन की चर्चा रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। अब इस घटना पर फिल्म बनने की वजह से जसवंत सिंह गिल एक बार फिर खबरों में हैं।

अमृतसर में जन्मे जसवंत सिंह गिल कोल इंडिया लिमिटेड में खनन अधिकारी थे। उन्होंने धनबाद के इंडियन स्कूल ऑफ माइंस से ग्रेजुएशन किया था। साल 1989 में पश्चिम बंगाल के रानीगंज में कोयला खदान ढह गई थी, जिसके चलते माइन में भारी मात्रा में पानी भर गया था। जसवंत सिंह वहीं पर तैनात थे और उन्होंने अपनी समझदारी से नीचे फंसे 65 लोगों को बाहर निकाला था।

रियल लाइफ में जसवंत गिल बेहद शांत और विनम्र स्वभाव के थे। अक्षय कुमार ने एक इंटरेक्शन के दौरान उनके बारे में कहा- 

जब जसवंत जी जीवित थे तो मुझे उनसे फोन पर बात करने का मौका मिला। वो इतने विनम्र और अच्छे शख्स थे कि मुझे उनसे बात करना अपनी खुशनसीबी महसूस हुई। इन कहानियों में इतनी सच्चाई होती है कि मैं बार-बार करना चाहता हूं। 

कैप्सूल गिल मिला नाम?

पूरा ऑपरेशन उन्होंने प्लान किया था। उन्होंने स्टील का एक कैप्सूल बनाने का आइडिया दिया था, जिसमें एक बार में एक इंसान जा सकता है। गिल खुद इस कैप्सूल से खदान के अंदर गये थे। इसीलिए उन्होंने कैप्सूल गिल भी कहा जाता है। मिशन रानीगंज का एलान भी कुछ साल पहले इसी नाम से किया गया था।

मिले थे ये अवार्ड

जसवंत सिंह गिल के इस  रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उन्हें कई बड़े अवॉर्ड्स से भी सम्मानित किया गया था। उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।

इतना ही नहीं 1991 में सिविलियन गैलेन्ट्री अवार्ड सर्वोत्तम जीवन रक्षक पदक से  नवाजा गया और साल 2013 में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड में मिला। इसके अलावा ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने उन्हें लीजेंड ऑफ बंगाल पुरस्कार दिया और आरएन टॉक्स एलएलपी ने उन्हें 2023 के लिए 'विवेकानंद कर्मवीर' पुरस्कार से नवाजा है। 

कब हुआ निधन

जसवंत सिंह गिल आज भले ही हमारे बीच नहीं है, लेकिन लोग उन्हें आज भी याद करते हैं। 26 नवंबर साल 2019 को उनका निधन हुआ था। उनके परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। कहते है अमृतसर में मजीठा रोड पर एक गेट का नाम उनके नाम पर रखा गया है।

मिशन रानीगंज का निर्देशन टीनू सुरेश देसाई ने किया है। फिल्म में परिणीति चोपड़ा फीमेल लीड रोल में नजर आएंगी। राघव चड्ढा से शादी के बाद उनकी यह पहली रिलीज है। 

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