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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजनीतिक कारणों से बैन हुए थे बिग बी, Hema Malini के साथ मैगजीन में नहीं छापा गया था नाम

Published: Thu, 13 Mar 2025 03:16 PM (GMT+05:30)

अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड में शहंशाह सदी का महानायक और बिग बी जैसे कई नामों से पुकारा जाता है। फिल्म ...और पढ़ें

अमिताभ बच्चन को करियर के पीक पर क्यों किया था बैन/ फोटो- Instagram
अमिताभ बच्चन को करियर के पीक पर क्यों किया था बैन/ फोटो- Instagram

HighLights

  1. मीडिया पब्लिकेशन ने कर दिया था बिग बी को बैन
  2. किसी भी स्टार के साथ नहीं छपता था नाम
  3. इस बड़ी हस्ती की सिफारिश से मिला था उन्हें ब्रेक?

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। साल 1969 में फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से अपने करियर के शुरुआत करने वाले अमिताभ बच्चन को 'सदी का महानायक' कहा जाता है। पिछले छह दशक से दर्शकों का बड़े पर्दे पर मनोरंजन करने वाले अमिताभ बच्चन 82 साल की उम्र में भी फिल्मों में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्में की हैं। हिंदी के अलावा बिग बी ने उन्होंने बंगाली, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, मराठी और अंग्रेजी भाषा की फिल्मों में अभिनय किया है।

लगातार दो हीरो वाली फिल्में करने के बाद उनकी तकदीर साल 1973 में बदली, जब उनकी फिल्म 'जंजीर' आई। इस फिल्म में बिग बी ने अपने एक्शन अवतार से ऑडियंस को काफी इम्प्रेस किया। ये उनके करियर की वह फिल्म थी जिसके बाद उन्होंने कभी पलटकर नहीं देखा। हालांकि, ऑडियंस के बेशुमार प्यार और सिनेमाघरों में उनकी फिल्मों को देखने के लिए लगी भीड़ और अपने स्टारडम के शिखर पर बैठने के बावजूद उनकी जिंदगी में एक ऐसा समय आया, जहां मैगजीन से लेकर बड़े-बड़े पब्लिकेशन ने राजनीतिक कारणों से उन्हें बैन कर दिया। आखिर क्यों मीडिया ने बिग बी के लिए इतनी बेरुखी दिखाई, पढ़ें आज के थ्रो-बैक थर्सडे की कहानी में: 

करियर के पीक पर क्यों बिग बी का नाम छापने से किया इनकार? 

ऐसा माना जाता है कि अमिताभ बच्चन के परिवार का राजनेताओं से अच्छे रिलेशन होने के वजह से उन्हें इंडस्ट्री में ब्रेक मिला था। फिल्म क्रिटिक और राइटर भारती प्रधान ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बताया कि इमरजेंसी खत्म होने के बाद अमिताभ बच्चन मीडिया सेंसरशिप के निशाने पर आ गए थे।

प्रधान ने आगे बताया कि उस समय के कई पब्लिकेशन ने ये दावा किया था कि 1975 में लगी इमरजेंसी में अमिताभ बच्चन ने सरकार की मीडिया पर लगाई गई सेंसरशिप में उनका साथ दिया था। उन पर आरोप लगे थे कि उस समय पर छपने वाले आर्टिकल्स में उन्होंने कांट-छांट करवाई। इस की वजह से उनका कई जाने-माने पब्लिकेशन्स ने बायकॉट कर दिया था। 

Photo Credit- Instagram 

हेमा मालिनी जैसे सह कलाकारों के साथ नहीं लिखते थे नाम

फिल्म क्रिटिक ने आगे बताया कि पब्लिकेशन्स को ऐसा लगता था कि अमिताभ बच्चन उस समय की नामी पार्टी की मशीनरी का हिस्सा थे, इसलिए सभी रिपोर्ट्स ने उनका नाम छापना भी बंद कर दिया था। बिग बी के बायकॉट को लेकर वह इतने ज्यादा सीरियस थे कि अगर कभी हेमा मालिनी या फिर किसी सह कलाकार के साथ उनका नाम क्रेडिट में भी आता था, तो वह एक्ट्रेस का नाम लिखकर उसके आगे कॉमा(,) लगा देते थे, लेकिन अमिताभ बच्चन का नाम नहीं लिखते थे।

amitabh bachchan

Photo Credit- Instagram

मीडिया के इस बर्ताव को देखते हुए अमिताभ बच्चन खुद भी जब कास्ट के साथ खड़े होते थे, तो वह साइड में खड़े रहते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि वह क्रॉप हो जाएंगे। 

इन फिल्मों ने बदली थी बिग बी की किस्मत 

'जंजीर' और दीवार जैसी फिल्में करने के बाद अमिताभ बच्चन को इंडस्ट्री में 'एंग्री यंग मैन' का टैग मिल गया था। उन्होंने नमक हराम, सौदागर, रोटी कपड़ा और मकान, शहंशाह, दोस्त, चुप-चुपके, शोले, हेरा-फेरी, अमर अकबर एंथोनी, डॉन, काला पत्थर जैसी कई यादगार फिल्में हिंदी सिनेमा को दी।