मुंबई। दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान रविवार 3 फरवरी को अपना 81 वां बर्थडे मनायेंगी। आज 81 साल की उम्र में भी वहीदा के बारे में यही कह सकते हैं कि वो ‘लाजवाब’ हैं। बता दें कि उर्दू शब्द वहीदा का अर्थ लाजवाब ही होता है।

3 फरवरी 1938 को तमिलनाडु में जन्मीं वहीदा को बचपन से ही संगीत और नृत्य का शौक था। हालांकि, उनका सपना डॉक्टर बनने का था। लेकिन, माता-पिता की देखरेख में वहीदा भरतनाट्यम नृत्य में निपुण हो गईं। इसके बाद वह मंचों पर नज़र आने लगीं। तब से उनका सफर लगातार जारी रहा। बहरहाल, आगे बढ़ने से पहले देखिये इस उम्र में वहीदा अब कैसी दिखती हैं।


आप देख सकते हैं अपने लेटेस्ट लुक में भी वहीदा रहमान बेहद चार्मिंग लग रही हैं। अक्सर वो किसी न किसी मौके पर नज़र आती रहती हैं और उन्होंने खुद को काफी एक्टिव भी रखा हुआ है। बीते दिनों वो एक ऐसे ही इवेंट में पहुंची थीं। उनके साथ इस तस्वीर में जया प्रदा, सारा अली ख़ान, आशा पारेख भी नज़र आ रही हैं। इस तस्वीर में भी उनके चेहरे पर एक ग्रेस साफ़ देखा जा सकता है। सबसे दायें ब्लू साड़ी में हाथों में गुलदस्ता थामे वो फूलों की तरह हँस रही हैं।

गौरतलब है कि पिता के निधन के बाद घर में आर्थिक संकट के चलते 17 वर्षीय वहीदा ने ग्लैमर की दुनिया का रुख किया था और 1955 में उन्‍होंने दो तेलुगू फ़िल्मों में काम किया। जिसके बाद हिंदी सिनेमा के अभिनेता, निर्देशक व निर्माता गुरुदत्त की नज़र उन पर पड़ी। बॉलीवुड में उन्हें पहली फ़िल्म ‘सीआईडी’ में खलनायिका का किरदार मिला। सीआईडी की कामयाबी के बाद फ़िल्म ‘प्यासा’ में वहीदा रहमान को नायिका के रूप में लिया गया। ‘प्यासा’ के बाद गुरुदत्त और वहीदा रहमान ‘कागज के फूल’, ‘चौदहवीं का चांद’ और ‘साहब बीवी और गुलाम’ में भी साथ नज़र आये। साल 1964 में गुरुदत्त की मौत के बाद वहीदा थोड़ी अकेली हो गयीं थीं। दोनों के बीच नजदीकियों की बातें भी उस दौर में चर्चा में रही थीं!

नेशनल अवॉर्ड विनिंग फ़िल्म ‘तीसरी कसम’ में राज कपूर के साथ वहीदा ने जो हीराबाई का किरदार निभाया था, उसे भला कौन भूल सकता है? ‘गाइड’ और ‘नीलकमल’ भी उनके करियर की यादगार फ़िल्मों में शुमार है। इन दोनों ही फ़िल्मों के लिए उन्होंने फ़िल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता।

साल 1974 में वहीदा ने अभिनेता कंवलजीत से शादी की थी। गौरतलब है कि साल 2002 में उनके पति का आकस्मिक निधन हो गया। हाल के वर्षों में वहीदा 2006 ‘रंग दे बसंती’ के बाद ‘पार्क एवेन्यू’, ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’, ‘ओम जय जगदीश’ जैसी फ़िल्मों में नज़र आ चुकी हैं। वहीदा को उनके शानदार अभिनय के लिए 1972 में पद्मश्री और 2011 में पद्मभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

Posted By: Hirendra J

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