बॉलीवुड इंडस्ट्री में गला काट मुकाबले पर कियारा आडवाणी ने शेयर किया अपना अनुभव, कहा- यहां दबाव इस बारे में...
यह जिंदगी में एक बार मिलने वाला अनुभव है। मेरी शकिस्मती है कि ऐसी फिल्म का हिस्सा हूं जिसकी वजह से मुझे कारगिल जाने का मौका मिला। विजय दिवस पर भारतीय सेना के सामने अपना ट्रेलर पेश करना अलग अनुभव था। सेना का अनुशासन बहुत प्रेरक है।

स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। एंथोलाजी फिल्म ‘लस्ट स्टोरीज’, ‘कबीर सिंह’, ‘गुड न्यूज’ से सफलता का स्वाद चखने वाली कियारा आडवाणी लगातार बड़े बैनर की फिल्म कर रही हैं। उनकी फिल्म ‘शेरशाह’ 12 अगस्त को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। यह फिल्म कारगिल युद्ध के नायक विक्रम बत्रा की बायोपिक है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा विक्रम बत्रा बने हैं जबकि कियारा उनकी प्रेमिका डिंपल चीमा की भूमिका में हैं। इसके बाद कियारा फिल्म ‘भूल भुलैया 2’, ‘जुग जुग जियो’ में नजर आएंगी। करियर, फिल्म और अन्य मुद्दों पर कियारा की स्मिता श्रीवास्तव से बातचीत:
आपने कहा था कि करियर की शुरुआत में किसी चीज को खोने का डर नहीं था। अब इस मुकाम पर क्या कहेंगी?
अब सच कहूं तो है। जब आपके पास कुछ खोने को नहीं होता है तो आप निडर होकर काम करते हो, लेकिन जब थोड़ी सी रिस्पांसिबिलिटी आपके कंधों पर आ जाती है तो समझ आता है कि आप क्या करना चाहते हो? लोग जानना चाहते हैं कि आपका अगला प्रोजक्ट क्या होगा? मैं कोशिश कर रही हूं कि उन चीजों को प्रेशर के तौर पर न लूं। मैं अब भी पहले जैसी इनोसेंस और फीयरलेसनेस से काम कर रही हूं। आज भी मैं स्क्रिप्ट पसंद आने पर ही स्वीकृति देती हूं। कुछ फैसले अच्छे होते हैं, कुछ फैसले बाद में ऐसे लगते हैं कि ओके। पर्सनली हर फिल्म ने मुझे आगे बढ़ाने में मदद की है।
...लेकिन इंडस्ट्री में गला काट प्रतियोगिता है। ऐसे में दबाव होना स्वाभाविक है?
मेरे हिसाब से अगर कंप्टीशन नहीं होता तो आप कभी इंस्पायर ही नहीं होते।
मैं किसी और की फिल्म में कुछ अच्छा देखती हूं तो मन में आता है कि यह इतना अच्छा रोल था। काश मैं कर पाती, यह चीज हमेशा प्रेरणा देने वाली होती है। यहां दबाव इस बारे में ज्यादा है कि आप अपनी पिछली फिल्म से कितना आगे जा सकते हैं। मुझे कुछ ऐसा काम करना है जिसे किसी ने देखा न हो। मैं अपने काम को रिपीट न करूं। जब ‘कबीर सिंह’ रिलीज हुई तब मुझे पता था कि छह महीने बाद ‘गुड न्यूज’ आने वाली है। उसके बाद ‘गिल्टी’ आ गई। मेरा काम देखकर सब चौंके थे। जिन डायरेक्टर ने मुझे कास्ट किया उन्हें मुझमें पोटेंशियल दिखा होगा। शायद मैंने भी खुद में वह न देखा हो। उनके विश्वास से मुझमें यह विश्वास आया कि मैं कोशिश तो जरूर करूंगी। सौभाग्य से दर्शकों को मेरा काम पसंद आया।
‘शेरशाह’ का ट्रेलर कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर द्रास में सैन्य कर्मियों की मौजूदगी में लांच किया गया। वहां का कैसा अनुभव रहा?
(मुस्कुराते हुए) यह जिंदगी में एक बार मिलने वाला अनुभव है। मेरी शकिस्मती है कि ऐसी फिल्म का हिस्सा हूं जिसकी वजह से मुझे कारगिल जाने का मौका मिला। विजय दिवस पर भारतीय सेना के सामने अपना ट्रेलर पेश करना अलग अनुभव था। सेना का अनुशासन बहुत प्रेरक है।
फिल्म को करने से पहले आपकी डिंपल से मुलाकात हुई?
जी हां। फिल्म की शूट से पहले ही मुलाकात हुई थी। ऐसा लग रहा था कि दो लड़कियां एकदूसरे के साथ अपनी लाइफ शेयर कर रही हैं। वह अपनी रिलेशनशिप के किस्से मेरे साथ साझा कर रही थीं। वह जो बातें बता रहीं थीं उसे हमने अपनी फिल्म में दर्शाया भी है। बहुत सारे डायलाग ऐसे हैं जिन्हें कैप्टन विक्रम बत्रा ने बोला था। उसे फिल्म में रीक्रिएट किया गया है। जिन जगहों पर विक्रम और डिंपल मिले उन लोकेशन पर जाकर हमने शूट किया। विष्णु वर्धन सर (निर्देशक) ने उसे बहुत विश्वसनीय बनाया है। एक प्वाइंट पर मुझे लगा कि मैं वाकई डिंपल चीमा हूं और सिद्धार्थ विक्रम बत्रा। हमें लगा कि एक्टिंग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन भावनाओं का अहसास कर रहे थे जो उन्होंने अनुभव किया होगा।
‘कबीर सिंह’ में प्यार में दीवानगी पागलपन की हद तक थी। ‘शेरशाह’ में प्यार में त्याग है। प्यार की सीमाओं को लेकर क्या कहेंगी?
यह स्वार्थ रहित प्यार है। एक आर्मी आफिसर के सपनों को सपोर्ट करना, यह जानने के बावजूद कि बहुत ही जोखिम वाला जाब है। उनकी ड्यूटी के बारे में आप पूछ भी नहीं सकते हैं कि दिन कैसा रहा? उनके अपने प्रोटोकाल होते हैं। उन सीमाओं को आप पार नहीं कर सकते हैं। चंद पल जो आपको मिलते हैं उनके साथ बात करने के। कई बार एकदूसरे से मिलने का बहुत कम समय मिलता है। उसके बावजूद प्यार में कमी नहीं आती।
विक्रम के शहीद होने के बाद डिंपल ने शादी नहीं की...
डिंपल स्ट्रांग महिला हैं जो अपने निर्णय खुद लेती हैं। उन्होंने प्यार को सबसे ऊपर रखा। मैं चाहूंगी कि मुझे भी ऐसा प्यार हो। जब भी वह कैप्टन विक्रम बत्रा के बारे में बात करती हैं तो बहुत सारा गर्व, प्यार और खुशी का अहसास उनकी आंखों में झलकता है। उन्हें लगता है कि विक्रम उनके साथ हैं। आपके जन्मदिन पर तमिल फिल्मकार एस शंकर के निर्देशन में एक फिल्म की घोषणा हुई।
फिल्म को तीन भाषाओं में बनाया जाएगा...
यह फिल्म खास है मेरे लिए। पहली बार मैं शंकर सर के साथ काम करूंगी। मैं बहुत एक्साइटेड हूं। इस फिल्म से एक गैप के बाद तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में मेरी एक तरह से वापसी भी हो रही है। उसके लिए मैं सही मौके का इंतजार कर रही थी। अब मौका मिला है तो अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करूंगी।
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