स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। डिजिटल प्लेटफार्म अब दर्शकों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में बदलते भारत के शौर्य और पराक्रम का पक्ष दिखाने के लिए निर्माता-निर्देशक इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं। वेब सीरीज की दुनिया में नए भारत के ढेरों रंग देख हर भारतीय गर्व से भर उठता है। इस निर्भीक भारत को डिजिटल प्लेटफार्म पर दर्शाने के देशभक्ति से ओतप्रोत व प्रेरक प्रयासों को अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में साझा कर रही हैं स्मिता श्रीवास्तव...

दुनिया को यह तो दिखा दें कि देश महात्मा गांधी का नहीं सुभाषचंद्र बोस का भी है। - वर्ष 2020 में रिलीज वेब सीरीज ‘अवरोध: द सीज विदइन’ में नीरज काबी का किरदार यह बात कहता है। तो वहीं हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘शूरवीर’ में मनीष चौधरी का किरदार कहता है ‘खेल उन्होंने शुरू किया था। खत्म हम करेंगे। यह नया हिंदुस्तान है।’ वेब शोज के ये डायलाग इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत की बदलती छवि डिजिटल प्लेटफार्म पर दिनोंदिन निर्माताओं को भा रही है। डिजिटल प्लेटफार्म पर ऐसे कंटेंट बनाने के संबंध में ‘अवरोध: द सीज विदइन’ और ‘अवरोध 2’ का निर्देशन करने वाले राज आचार्य कहते हैं, ‘डिजिटल प्लेटफार्म दुनिया तक कंटेंट पहुंचाने का बेहतरीन जरिया बन चुका है। फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ और हमारी वेब सीरीज लगभग साथ-साथ ही बन रही थी। हमने निर्णय किया कि हम सीमा पार जाने वाले सिपाहियों के साथ-साथ इस मिशन में शामिल अधिकारियों, ब्यूरोक्रेट्स और बाकी मंत्रियों की भी कहानी दिखाएंगे। अगर सीमा पार जाने वाले सैनिकों में एक की भी जान गई होती, तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री और उनके मंत्रालय की भारी आलोचना होती। हमने इन सबके बीच तालमेल बनाया। इसमें हमें सहूलियत इस बात की थी कि हमारे पास वक्त ज्यादा था, फिल्मों की तरह सिर्फ दो घंटे नहीं।’

बस देश हो सर्वोपरि

सेना की कहानियों पर आर्मी एंथोलाजी सीरीज ‘ब्रेवहाट्र्स- द अनटोल्ड स्टोरीज आफ हीरोज’ बनी है। इस सीरीज के क्रिएटिव डायरेक्टर संकल्प राज त्रिपाठी कहते हैं, ‘अब जब हम 2022 में हैं और नया भारत बना रहे हैं। उसमें फीयरलेस इंडिया का होना जरूरी है, क्योंकि यह आने वाले 100 साल के भारत को तय करेगा। बहादुरी आती ही वहीं से है, जब हर किसी के दिल और दिमाग में हर समय यह चल रहा हो कि हमारा देश सर्वोपरि है। पिछले कुछ समय में हमने जो विकास किया है, वह बिना साहस के नहीं हो सकता था। फिर इन्हें दर्शाने के लिए चाहे किसी भी प्लेटफार्म को चुनें, लेकिन हर चीज देश के लिए प्यार को दर्शाती है। इसलिए इस समय ये कहानियां ज्यादा अपील कर रही हैं। ‘ब्रेवहाट्र्स’ में हमने देश के सैनिकों और उनके परिवार के बारे में कहानियां बताई हैं।’

दिल के करीब सेना

भारतीय सेना पर ‘द टेस्ट केस’, ‘कोड एम’ जैसी कहानियां बना चुके क्रिएटर और शो रनर समर खान अपने नए शो ‘शूरवीर’ में तीनों सेनाओं को एक साथ लेकर आए हैं। समर खान कहते हैं, ‘हम सशस्त्र बलों के ऋणी हैं। मैं खुद नेशनल डिफेंस एकेडमी गया था। मैं आर्मी अफसर बनना चाहता था, लेकिन कुछ कारणों से बन नहीं पाया। मेरे दोस्त अब भी आर्मी, नेवी, एयरफोर्स में हैं। मुझे वहां की कहानियां और उनकी जिंदगियां पता हैं। बहरहाल, पर्दे का साइज चाहे जो हो, कंटेंट अच्छा होना चाहिए।’

असली हीरो की सच्ची दास्तान 

कारगिल युद्ध के नायक मेजर दीपेंद्र सिंह सेंगर की जिंदगी से प्रेरित शो ‘जीत की जिद’ में अमित साध ने देशभक्ति और असंभव को संभव करने वाले जज्बे को दिखाने की कोशिश की। भारतीय संसद पर हुए हमले पर आधारित वेब सीरीज ‘स्पेशल आप्स’ में भारतीय रा अधिकारियों की कार्यशैली और समर्पण नजर आया। ‘स्पेशल आप्स’ के सहनिर्देशक शिवम नायर की अगली वेब सीरीज स्पाई थ्रिलर ‘मुखबिर’ है। यह वेब शो मलय कृष्ण धर द्वारा लिखित किताब ‘मिशन टू पाकिस्तान: एन इंटेलिजेंस एजेंट इन पाकिस्तान’ पर आधारित होगा। इसके अलावा शिवम भारतीय दूतावास की प्रेरक कहानी पर फिल्म बना रहे हैं। इस बाबत शिवम नायर कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि रा, पुलिस, इंटेलिजेंस में काम करने वाले लोगों की की कहानी कही जानी चाहिए, क्योंकि वो खुद से ज्यादा देश को महत्व देते हैं। उनके काम में उनकी प्रतिबद्धता दिखती है। वही हमारे असली हीरो हैं। डिजिटल प्लेटफार्म पर हमने रियल किरदारों को लेकर कहानी बनानी शुरू की है। उनकी कहानी प्रेरणा देती है।’

पूरा हो रहा कर्तव्य

देश की कहानियों से जुड़े शो बनाने में निर्माता-निर्देशकों की बढ़ती दिलचस्पी को लेकर ‘21 सरफरोश: सारागढ़ी 1897’ के निर्देशक राज आचार्य कहते हैं, ‘हमारा देश और देश के लोग लगातार विकास कर रहे हैं। हमारे देशवासी भारतीय संस्कृति और देश के लिए जान कुर्बान करने वाले शूरवीरों की कहानी जानना चाहते हैं। पिछले कुछ वर्षों से ये कहानियां केंद्र में आ रही हैं। वरना कुछ साल पहले किसी को पता ही नहीं था कि सारागढ़ी की लड़ाई क्या थी। अब अगर कोई छोटा कारनामा भी करता है तो लोग उसकी कहानियां जानना चाहते हैं। यह नए, निर्भीक और चमकते भारत की निशानी है। अपने देश की छवि और उपलब्धियां दुनियाभर में पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। हम फिल्मकार बंदूक लेकर सीमा पर गोली तो नहीं चला सकते हैं, लेकिन इसी माध्यम से अपनी राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रप्रेम दिखाने की कोशिश करते हैं। मैं पूरी कोशिश करता हूं कि मेरा राष्ट्रप्रेम मेरे शो, फिल्मों और बर्ताव में भी नजर आए।’

आएंगी और कहानियां

निर्देशक शिवम नायर ने कहा- हम खेल और फिल्मी सितारों की बात करते हैं पर ये ही असल हीरो हैं जो दिन-रात देश की सेवा और रक्षा करने को प्रयत्नशील रहते हैं। इनकी कहानी लगातार सिनेमा में आती रहनी चाहिए। अभी बहुत सारी कहानियां आएंगी। उससे पता चलेगा कि हमारा देश कितना बदला है। यह बदलाव कहानियों में परिलक्षित होगा। बहरहाल, चाहे स्पाई थ्रिलर हो या देश से जुड़े कंटेंट, ये कहानियां इसलिए भी बन रहा है, क्योंकि देश तरक्की कर रहा है। इन कहानियों के लिए काफी गहन रिसर्च की जाती है। दुनिया को समझ आना चाहिए कि हमारे यहां हर क्षेत्र में काबिल लोग हैं।

बेहतर बने देश

निर्देशक संकल्प त्रिपाठी ने कहा- कई ऐसे शोज बनते हैं, जो देश की छवि प्रस्तुत करते हैं, वहीं कुछ शोज ऐसे होते हैं, जो यह दिखाते हैं कि एक देश को कैसा होना चाहिए। मैं देश को आईना नहीं दिखाना चाहता। कई खराबियां होंगी, जिसे सुधारा जा सकता है, लेकिन हम जिस भारत की कल्पना करते हैं, जिसे जीना चाहते हैं, उसे कम से कम उन आदर्शों के परिप्रेक्ष्य में अपने देश को देखें और वह छवि समाज को दिखाएं, तभी सिनेमा देश को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे पाएगा।

Edited By: Ruchi Vajpayee

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