मुंबई। 14 जनवरी को इस आधिकारिक एलान के बाद कि पद्मावती 25 जनवरी को ही 'पद्मावत' के नाम से सिनेमाघरों में आएगी, रिलीज़ की तैयारियां रफ़्तार पकड़ने लगी हैं। इन तैयारियों का अहम हिस्सा है 'पद्मावत' को हिंदी के साथ तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज़ किया जाना, जिसका एलान पहले ही किया जा चुका है, अब इसके पोस्टर्स भी जारी कर दिये गये हैं। 

तमिल-तेलुगु में 'पद्मावत' का रिलीज़ होना निर्माताओं का एक अहम क़दम माना जा रहा है। एक तो ये कि 'पद्मावत' के विरोध का ज़्यादातक असर हिंदीभाषी क्षेत्रों में है। साउथ में इस विरोध का अब तक कोई उल्लेखनीय असर नहीं देखा गया है। जिन-जिन राज्य सरकारों ने फ़िल्म का प्रदर्शन रोकने का एलान किया है, वहां हिंदी वर्ज़न रिलीज़ हो रहे हैं। फिर चाहे इस सारे हंगामे का 'एपिसेंटर' राजस्थान हो या गुजरात या फिर मध्य प्रदेश। अच्छी बात ये है कि उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गोवा की सरकारों ने फ़िलहाल इस मामले में तटस्थ रहने का फ़ैसला किया है। इन राज्यों में भी 'पद्मावत' हिंदी में ही रिलीज़ होने वाली है। ऐसे में तमिल और तेलुगु भाषाओं में फ़िल्म रिलीज़ करने का फ़ायदा ये होगा कि दक्षिण में उन दर्शकों की भरपाई हो सकेगी, जिन्हें 'पद्मावत', विरोध के चलते देश के दूसरे हिस्सों में खो सकती है। हालांकि तेलुगु में रिलीज़ होने के बाद 'पद्मावत' के सामने बाहुबली की चुनौती ख़ुद-ब-ख़ुद उत्पन्न हो जाएगी। 

यह भी पढ़ें: आईआईएम अहमदाबाद पहुंची बाहुबली2, खुलेगा कामयाबी का राज़

 

Experience the grandeur of #PadmaavatInTamil on the 25th of January, in 2D & 3D. Now also in Telugu and IMAX 3D (Hindi). @ranveersingh @deepikapadukone @shahidkapoor @aditiraohydari @viacom18motionpictures #BhansaliProductions @tseries.official

A post shared by Padmaavat (@filmpadmaavat) on

साल 2017 की सबसे बड़ी हिट 'बाहुबली2- द कंक्लूज़न' ने कामयाबी का ऐसा पैमाना तय कर दिया है कि हर बड़ी फ़िल्म को इसी कसौटी पर कसा जाता रहेगा, जब तक कि ये पैमाना टूटता नहीं। ख़ासकर, ऐसी फ़िल्में जिनमें माइथोलॉजिकल या ऐतिहासिक दृश्य गुंथे हुए हों। संजय लीला भंसाली की फ़िल्म 'पद्मावती' का ट्रेलर देखते ही आम दर्शक के ज़हन में सबसे पहले यही सवाल कुलबुलाया होगा, जायसी के पद्मावत से निकली भंसाली की ये महत्वाकांक्षी पेशकश क्या 'बाहुबली' जैसी भव्यता को दोहरा सकेगी? कमाई की बात अभी करना जल्दबाज़ी, मगर प्रोडक्शन के स्तर पर तो ऐसी तुलना हो ही सकती है। इसका अंदाज़ा 'पद्मावत' के ट्रेलर से हो भी रहा है।

'बाहुबली' सीरीज़ की दोनों फ़िल्मों की कामयाबी की सबसे बड़ी वजह इसके विज़ुअल इफेक्ट्स रहे। डायरेक्टर एसएस राजामौली ने वीएफ़एक्स और स्पेशल इफ़ेक्ट्स की मदद से एक ऐसी दुनिया बसा दी थी, जिसकी कल्पना करना भी भारतीय सिनेमा में अब तक आसान नहीं रहा। संजय लीला भंसाली की फ़िल्म 'पद्मामत' ऐतिहासिक कहानी है, जिसमें हाथी-घोड़े, सेना, महल और युद्ध के दृश्य हैं। ऐसे में 'पद्मावत' के लिए भी भंसाली ने अपनी कल्पना से दुनिया बसायी होगी। लिहाज़ा फ़िल्म के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही रहेगी कि एक-एक दृश्य की तुलना 'बाहुबली' से हो सकती है। भले ही दोनों फ़िल्मों की कहानियों की बैकग्राउंड और टाइमिंग अलग हो। 

यह भी पढ़ें: ऐसे कैसे रिलीज़ होगी पद्मावत, इन 5 फ़िल्मों पर भी ख़ूब गर्मायी थी सियासत

 

वैसे बाहुबली के रचयिता एसएस राजामौली ख़ुद पद्मावत के ट्रेलर की तारीफ़ कर चुके हैं। ज़ाहिर है कि राजामौली की तारीफ़ फ़िल्म के लिए बहुत मायने रखती है और अब जबकि ये तेलुगु में रिलीज़ हो रही है तो वहां के दर्शकों के लिए राजामौली की कसौटी का क्या अर्थ है, ये आप भी समझ सकते हैं। वैसे बाहुबली फ़िल्मों को जिस तरह देश और दुनिया में प्यार मिला है, उसके चलते पद्मावत को ऐसी चुनौती का सामना हर क़दम पर करना होगा।

यह भी पढ़ें: जायसी के पद्मावत को भंसाली ने दी है ऐसी भव्यता, जो 500 साल में नहीं मिली

जीतेगा भारत हारेगा कोरोन

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस