मुंबई। 'जुम्मा... चुम्मा दे दे' यह गीत आपको याद होगा तो आपको किमी काटकर भी याद होंगी। 'हम' फ़िल्म का यह सुपरहिट सांग अमिताभ बच्चन और किमी पर ही फिल्माया गया था। यह फ़िल्म 1991 में आई थी और इस फ़िल्म के बाद किमी बमुश्किल तीन,चार फ़िल्मों में दिखाई दीं और फिर गायब हो गयीं।

11 दिसंबर 1965 को जन्मीं किमी काटकर का करियर बहुत ही छोटा रहा है लेकिन उन्होंने जिस तरह की फ़िल्में की है और जिस तरह से उनका करियर ग्राफ रहा है वो उस समय के लिहाज से काफी बोल्ड और बिंदास था। लेकिन, ऐसा क्या हुआ जो वो अचानक से फ़िल्मों की दुनिया से ही नहीं देश तक को छोड़ कर चली गयीं। 1985 में 'पत्थर दिल' फ़िल्म से किमी ने सहायक अभिनेत्री के रूप में अपना करियर शुरू किया था। उसके बाद उसी साल वो 'टार्ज़न' में नजर आयीं। उस फ़िल्म में किमी अपने बोल्ड दृश्यों के लिए आज भी याद की जाती हैं। उसके बाद तो उन्होंने एक के बाद एक कई फ़िल्मों में काम किया। 'वर्दी', 'दरिया दिल', 'मर्द की जुबां', 'मेरा दिल', 'गैर कानूनी' 'जैसी करनी वैसी भरनी', 'शेरदिल', 'ज़ुल्म की हुकुमत' जैसी फ़िल्मों में वो नज़र आयीं। उनकी खूबसूरती के चर्चे हुआ करते। बड़े परदे पर भी वो काफी बिंदास नजर आतीं। आपमें से ज़्यादातर लोग जानना चाहेंगे कि उस दौर की वह हॉट सेंशेशन एक्ट्रेस आज कैसी लगती हैं।

यह भी पढ़ें: 76 साल के हुए अमिताभ बच्चन, ये हैं उनके बेस्ट 10 डायलॉग्स

 

किमी ने जब अमिताभ बच्चन के साथ 'हम' में जुम्मा के किरदार में काम किया और जब 'जुम्मा... चुम्मा दे दे' गीत उनपर फिल्माया गया तो वो गीत सबके जुबां पर चढ़ गया। वहां से उनका करियर एक नयी उंचाई छू सकता था। लेकिन, उसके बाद उन्होंने बहुत सोच-समझ कर फ़िल्में करनी शुरू कर दीं। उनकी आख़िरी फ़िल्म थी 'हमला' जो 1992 में आई।

यह भी पढ़ें: पुलिस स्टेशन पहुंची तनुश्री दत्ता, चेहरे पर दिखा कमाल का आत्मविश्वास, देखें तस्वीरें

आपको बता दें कि उन्होंने यश चोपड़ा जैसे दिग्गज फिल्मकार के ऑफर को ठुकराने का भी साहस दिखाया था, जैसा उनके दौर की कोई और अभिनेत्री करने की नहीं सोच सकती थीं। उसी दौरान उन्होंने शादी भी कर ली। फोटोग्राफर और एड प्रोड्यूसर शांतनु श्योरे से शादी करने के बाद फिर वो कभी फ़िल्मों में नहीं दिखीं और उसके बाद वो लम्बे समय के लिए ऑस्ट्रेलिया जाकर बस गयीं। वर्तमान में वो पुणे में अपने पति और इकलौते बेटे के साथ रहती है। मायानगरी मुंबई जितनी ही जल्दी किसी को सर आंखों पर बिठाती है, उतनी ही जल्दी भुला भी देती है। सो आज वह भी भुला दी गयी हैं! 

Posted By: Hirendra J